प्र1.
इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है लेकिन कौन-सा कथन किसने कहा है, यह नहीं बताया गया है। आप कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दिए गए उचित स्थान पर लिखिए। उदाहरण के लिए, माँ और पुत्र का एक-एक कथन दिया गया है। (पुत्र द्वारा कहे गए कथन — 1. “माँ, कह एक कहानी।” / माँ द्वारा कहे गए कथन — 1. “बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?”)
उत्तर
पहचानने का सरल सूत्र यह है — कहानी सुनाने वाले पद माँ के हैं, और अंतिम पंक्ति को दोहराकर पूछे गए प्रश्न बेटे के हैं। बेटा हर बार माँ की आख़िरी पंक्ति लौटाकर पूछता है और साथ में एक टिप्पणी जोड़ देता है।
| क्रम | पुत्र (राहुल) द्वारा कहे गए कथन | माँ (यशोधरा) द्वारा कहे गए कथन |
|---|---|---|
| 1. | “माँ, कह एक कहानी।” (दिया हुआ) | “बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?” (दिया हुआ) |
| 2. | “कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! कह माँ, कह, लेटी ही लेटी, राजा था या रानी? राजा था या रानी? माँ, कह एक कहानी।” | “तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।” |
| 3. | “जहाँ सुरभि मनमानी? हाँ, माँ, यही कहानी।” | “वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।” |
| 4. | “लहराता था पानी? हाँ, हाँ, यही कहानी।” | “गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी!” |
| 5. | “हुई पक्ष की हानी? करुणा-भरी कहानी!” | “चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया। इतने में आखेटक आया, लक्ष्य-सिद्धि का मानी।” |
| 6. | “लक्ष्य-सिद्धि का मानी? कोमल-कठिन कहानी।” | “माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात किंतु थे रक्षी। तब उसने, जो था खगभक्षी– हठ करने की ठानी।” |
| 7. | “हठ करने की ठानी? अब बढ़ चली कहानी।” | “हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी।” |
| 8. | “सुनी सभी ने जानी? व्यापक हुई कहानी।” | “राहुल, तू निर्णय कर इसका– न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका। सुन लूँ तेरी बानी।” |
| 9. | “माँ, मेरी क्या बानी? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!” | “न्याय दया का दानी? तूने गुनी कहानी।” |
पहचानने के संकेत:
- जिन पंक्तियों में “तेरे तात”, “मानधन मेरे”, “बेटा”, “राहुल” आया है — वे माँ की हैं।
- जिनमें “माँ” कहकर पुकारा गया है या प्रश्नवाचक चिह्न (?) के साथ पिछली पंक्ति दोहराई गई है — वे बेटे की हैं।
- ध्यान दीजिए, कहानी का अंतिम निर्णय बेटा देता है और उस पर मुहर माँ लगाती है — “तूने गुनी कहानी।”