प्र1.
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए— (शब्द-जाल के बीच में ‘प्रकृति’ लिखा है और एक खाना ‘उपवन’ से भरा हुआ है; शेष सात खाने खाली हैं।)
उत्तर
शब्द-जाल के बीच में प्रकृति लिखा है और एक खाना पहले से भरा है — उपवन। बाकी सात खानों में कविता से चुने हुए ये शब्द लिखिए —
| शब्द | कविता की पंक्ति | प्रकृति से संबंध |
|---|---|---|
| उपवन (दिया हुआ) | “सुन, उपवन में बड़े सबेरे” | बगीचा, पेड़-पौधों की जगह |
| सुरभि | “जहाँ, सुरभि मनमानी।” | फूलों की सुगंध |
| फूल | “वर्ण वर्ण के फूल खिले थे” | वनस्पति |
| हिम-बिंदु | “झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे” | ओस की बूँदें |
| झोंके | “हलके झोंके हिले-मिले थे” | हवा |
| पानी | “लहराता था पानी।” | जल, सरोवर |
| खग | “गाते थे खग कल कल स्वर से” | पक्षी |
| हंस | “सहसा एक हंस ऊपर से” | जलपक्षी |
और भी शब्द: यदि खाने बढ़ाने हों तो सबेरे (समय), वर्ण (रंग) और पक्षी भी प्रकृति से जुड़े शब्द हैं, जो इसी कविता में आए हैं।
ऐसे शब्द-जाल बनाने का लाभ: एक केंद्रीय शब्द के चारों ओर उससे जुड़े शब्द रखने से शब्द-भंडार समूह में याद रहता है। आप ‘वर्षा’, ‘विद्यालय’ या ‘बाज़ार’ पर भी ऐसा ही जाल बना सकते हैं।