प्र1.
(क) इस कविता को एक बार पुन: पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर
समूह की सूची में ये विशेषताएँ आनी चाहिए —
- संवाद शैली — पूरी कविता माँ और बेटे की बातचीत के रूप में चलती है। कहीं भी कवि स्वयं बीच में नहीं बोलता।
- आवृत्ति (दोहराव) — “राजा था या रानी? राजा था या रानी?” जैसी पंक्तियाँ दो बार आती हैं; “माँ, कह एक कहानी” बार-बार लौटती है।
- तुक — हर पद में अंतिम शब्दों की ध्वनि मिलती है — कहानी, नानी, रानी, बानी, हानी, ठानी, जानी, दानी।
- अनुप्रास — एक ही वर्ण से शुरू होने वाले शब्द पास-पास — “कोमल-कठिन कहानी”, “हुई पक्ष की हानी”।
- पुनरुक्त शब्द — “वर्ण वर्ण के फूल”, “कल कल स्वर”, “हाँ, हाँ, यही कहानी”।
- विपरीतार्थक युग्म — सदय-निर्दय, कोमल-कठिन, रक्षक-भक्षक।
- प्रकृति-चित्रण — उपवन, वर्ण-वर्ण के फूल, हिम-बिंदु, हलके झोंके, लहराता पानी।
- प्रश्न-उत्तर की लड़ी — बेटा प्रश्न पूछता है, माँ उत्तर देती है; इससे कहानी आगे बढ़ती जाती है।
- छोटी-छोटी पंक्तियाँ और गेय लय — कविता गाई जा सकती है, इसलिए बच्चों को शीघ्र याद हो जाती है।
- कहानी के भीतर कहानी — कविता स्वयं एक कहानी है, और उसके भीतर माँ एक दूसरी कहानी सुनाती है।
- तत्सम शब्दों का प्रयोग — बिद्ध, उभय, आग्रही, निरपराध, आखेटक।
- अंत खुला हुआ — निर्णय कवि नहीं देता, बालक देता है।
चर्चा के लिए: हर विशेषता के आगे कविता की एक पंक्ति उदाहरण के रूप में लिखिए। बिना उदाहरण की सूची अधूरी मानी जाएगी।