मल्हार अध्याय 1 कविता की रचना

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) इस कविता को एक बार पुन: पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर

समूह की सूची में ये विशेषताएँ आनी चाहिए —

  1. संवाद शैली — पूरी कविता माँ और बेटे की बातचीत के रूप में चलती है। कहीं भी कवि स्वयं बीच में नहीं बोलता।
  2. आवृत्ति (दोहराव) — “राजा था या रानी? राजा था या रानी?” जैसी पंक्तियाँ दो बार आती हैं; “माँ, कह एक कहानी” बार-बार लौटती है।
  3. तुक — हर पद में अंतिम शब्दों की ध्वनि मिलती है — कहानी, नानी, रानी, बानी, हानी, ठानी, जानी, दानी।
  4. अनुप्रास — एक ही वर्ण से शुरू होने वाले शब्द पास-पास — “ोमल-ठिन हानी”, “ुई पक्ष की ानी”।
  5. पुनरुक्त शब्द — “वर्ण वर्ण के फूल”, “कल कल स्वर”, “हाँ, हाँ, यही कहानी”।
  6. विपरीतार्थक युग्म — सदय-निर्दय, कोमल-कठिन, रक्षक-भक्षक।
  7. प्रकृति-चित्रण — उपवन, वर्ण-वर्ण के फूल, हिम-बिंदु, हलके झोंके, लहराता पानी।
  8. प्रश्न-उत्तर की लड़ी — बेटा प्रश्न पूछता है, माँ उत्तर देती है; इससे कहानी आगे बढ़ती जाती है।
  9. छोटी-छोटी पंक्तियाँ और गेय लय — कविता गाई जा सकती है, इसलिए बच्चों को शीघ्र याद हो जाती है।
  10. कहानी के भीतर कहानी — कविता स्वयं एक कहानी है, और उसके भीतर माँ एक दूसरी कहानी सुनाती है।
  11. तत्सम शब्दों का प्रयोग — बिद्ध, उभय, आग्रही, निरपराध, आखेटक।
  12. अंत खुला हुआ — निर्णय कवि नहीं देता, बालक देता है।
चर्चा के लिए: हर विशेषता के आगे कविता की एक पंक्ति उदाहरण के रूप में लिखिए। बिना उदाहरण की सूची अधूरी मानी जाएगी।
प्र2.
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं। कविता की विशेषताएँ: 1. संवाद दिए गए हैं। 2. पंक्ति के अंतिम शब्द की ध्वनि आपस में मिलती-जुलती है। 3. कुछ शब्द दो बार और साथ-साथ आए हैं। 4. कुछ विपरीतार्थक शब्द साथ-साथ आए हैं। 5. प्रकृति का वर्णन किया गया है। 6. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले एक से अधिक शब्द एक ही पंक्ति में आए हैं। 7. प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं। 8. शब्द की वर्तनी बदलकर उपयोग किया गया है। — कविता की पंक्तियाँ: 1. हुआ विवाद सदय-निर्दय में 2. हुई पक्ष की हानी। 3. बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी? कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! 4. तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे 5. कोमल-कठिन कहानी। 6. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।
उत्तर
कविता की विशेषतापंक्तिकहाँ दिखती है
1. संवाद दिए गए हैं।3माँ पूछती है और बेटा उत्तर देता है — दोनों की बात आमने-सामने है।
2. पंक्ति के अंतिम शब्द की ध्वनि आपस में मिलती-जुलती है (तुक)।2, 3, 6हानी–कहानी; तूने–नानी–चेटी–बेटी; खिले थे–झिले थे–मिले थे।
3. कुछ शब्द दो बार और साथ-साथ आए हैं (पुनरुक्ति)।6वर्ण वर्ण के फूल खिले थे”
4. कुछ विपरीतार्थक शब्द साथ-साथ आए हैं।1, 5सदय × निर्दय; कोमल × कठिन
5. प्रकृति का वर्णन किया गया है।6फूल, हिम-बिंदु, हवा के झोंके, लहराता पानी (पंक्ति 4 में ‘उपवन’ और ‘सबेरे’ भी)।
6. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले एक से अधिक शब्द एक ही पंक्ति में (अनुप्रास)।2, 5ुई पक्ष की ानी”; “ोमल-ठिन हानी”
7. प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं।3“समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?” — और उत्तर में बेटे की बात।
8. शब्द की वर्तनी बदलकर उपयोग किया गया है।4‘सवेरे’ के स्थान पर ‘सबेरे’ — तुक (मेरे–सबेरे–तेरे) मिलाने के लिए।
ध्यान दीजिए: प्रश्न स्वयं कहता है कि एक पंक्ति में एक से अधिक विशेषताएँ हो सकती हैं। जैसे पंक्ति 6 में तुक भी है, पुनरुक्ति भी और प्रकृति-वर्णन भी; पंक्ति 3 में संवाद भी है, प्रश्न-उत्तर भी और तुक भी। इसलिए आपकी उत्तर-पुस्तिका में एक पंक्ति के सामने दो-तीन रेखाएँ खिंच सकती हैं — यह ग़लत नहीं है।
अनुप्रास क्या है? जब एक ही वर्ण एक पंक्ति में बार-बार लौटे तो उसे अनुप्रास अलंकार कहते हैं। जैसे — “कोमल-कठिन कहानी” में ‘क’ तीन बार आया है, इससे पंक्ति में संगीत-सा बन जाता है।
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