प्र1.
इस पाठ में आपने माँ और पुत्र के बीच की बातचीत को एक कविता के रूप में पढ़ा है। इस कविता में माँ अपने पुत्र को उसके पिता की एक कहानी सुना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माँ, पुत्र और पिता कौन हैं? अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और उन्हें पहचानकर सुमेलित कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं। पात्र — 1. बेटा 2. माँ 3. तात (पिता); ये शब्द किनके लिए आए हैं — 1. यशोधरा, एक राजकुमारी, सिद्धार्थ की पत्नी 2. सिद्धार्थ, एक राजकुमार जो बाद में गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए 3. सिद्धार्थ और यशोधरा के पुत्र राहुल
उत्तर
| पात्र | सही मिलान | पहचान का प्रमाण |
|---|---|---|
| 1. बेटा | 3. सिद्धार्थ और यशोधरा के पुत्र राहुल | माँ स्वयं उसे नाम से पुकारती है — “राहुल, तू निर्णय कर इसका–” |
| 2. माँ | 1. यशोधरा, एक राजकुमारी, सिद्धार्थ की पत्नी | यह अंश गुप्त जी की काव्य-कृति यशोधरा से लिया गया है; कहानी सुनाने वाली माँ यशोधरा ही हैं। |
| 3. तात (पिता) | 2. सिद्धार्थ, एक राजकुमार जो बाद में गौतम बुद्ध कहलाए | “सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे” — उपवन में घायल हंस को बचाने वाले ये ही हैं। |
पृष्ठभूमि: सिद्धार्थ कपिलवस्तु के राजा शुद्धोदन के पुत्र थे। उनका विवाह यशोधरा से हुआ और उनके पुत्र का नाम राहुल था। बाद में सिद्धार्थ ने गृह-त्याग किया और ज्ञान प्राप्त करके गौतम बुद्ध कहलाए। घायल हंस वाली यह कथा उनके बचपन की प्रसिद्ध कथा है — इसी में पहली बार उनकी करुणा दिखाई देती है।
ध्यान दीजिए: कविता में इन तीनों में से केवल राहुल का नाम आया है। ‘माँ’ और ‘तात’ के नाम हमें कविता के बाहर की जानकारी से पहचानने पड़ते हैं — इसीलिए पुस्तक ने शब्दकोश, इंटरनेट या शिक्षक की सहायता लेने को कहा है।