प्र1.
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) “बसो मेरे नैनन में नंदलाल” पद में मीरा किनसे विनती कर रही हैं? • संतों से • भक्तों से • वैजंती से • श्रीकृष्ण से
उत्तर
सटीक उत्तर है — श्रीकृष्ण से। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।
‘नंदलाल’ = नंद के लाल यानी श्रीकृष्ण
‘बसो मेरे नैनन में’ = मेरी आँखों में बस जाइए
अर्थ — हे नंदलाल! आप मेरी आँखों में बस जाइए।
‘बसो मेरे नैनन में’ = मेरी आँखों में बस जाइए
अर्थ — हे नंदलाल! आप मेरी आँखों में बस जाइए।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| संतों से | ग़लत | संतों का नाम आता ज़रूर है, पर ‘संतन सुखदाई’ कहकर — वह श्रीकृष्ण का गुण है, विनती संतों से नहीं की जा रही। |
| भक्तों से | ग़लत | ‘भक्त वछल’ भी श्रीकृष्ण का ही विशेषण है — भक्तों से प्रेम करने वाले। |
| वैजंती से | ग़लत | वैजंती माल तो श्रीकृष्ण के गले का आभूषण है, कोई व्यक्ति नहीं। |
| श्रीकृष्ण से | सही ★ | पूरा पद श्रीकृष्ण को ही संबोधित है — नंदलाल, गोपाल, मीरा के प्रभु, सब उन्हीं के नाम हैं। |
क्यों: पद का पहला ही शब्द ‘बसो’ आज्ञा/प्रार्थना का रूप है — “बस जाइए”। जिसे यह प्रार्थना की जा रही है, उसी का नाम उसी पंक्ति में है — नंदलाल।