प्र1.
पाठ के किसी एक पद को चुनकर अपने समूह के साथ मिलकर अलग-अलग तरीके से कक्षा के सामने प्रस्तुत कीजिए, उदाहरण के लिए— • गायन करना। • भाव-नृत्य प्रस्तुति करना। • कविता पाठ करना आदि।
उत्तर
यह कक्षा में मिलकर करने की गतिविधि है। एक अच्छी प्रस्तुति की तैयारी इस तरह कीजिए —
| तरीका | कैसे तैयारी करें | किस बात का ध्यान रखें |
|---|---|---|
| गायन | ‘बरसे बदरिया सावन की’ को मल्हार या किसी सरल लोक-धुन में गाइए। एक साथी टेक (“बरसे बदरिया सावन की”) दोहराए, बाक़ी अगली पंक्तियाँ गाएँ। | हर पंक्ति का अंत ‘…की’ पर है — इसी पर सुर ठहराइए। |
| भाव-नृत्य | ‘बसो मेरे नैनन में नंदलाल’ पर हाथों से भाव दिखाइए — नैन, मुरली बजाना, गले की माला, कमर की घंटियाँ, पैरों के नूपुर। | पद जिस क्रम में चलता है, भाव भी उसी क्रम में — ऊपर से नीचे। |
| कविता पाठ | दो-दो साथी एक-एक पंक्ति बोलें और पूरा समूह टेक दोहराए। | ‘नन्हीं नन्हीं’, ‘उमड़ घुमड़’ जैसे शब्दों को धीरे और ठहरकर बोलिए। |
| चित्र-प्रस्तुति | पद की हर पंक्ति का एक चित्र बनाइए और पंक्ति बोलते समय वह चित्र ऊपर उठाइए। | चित्र बड़े और सादे हों ताकि पीछे बैठे साथी भी देख सकें। |
नमूना योजना: “हमारा समूह ‘बरसे बदरिया सावन की’ गाएगा। दो साथी ताली से ताल देंगे, एक साथी टेक गाएगा, तीन साथी बारी-बारी पंक्तियाँ गाएँगे और अंतिम पंक्ति ‘आनंद मंगल गावन की’ हम सब मिलकर दो बार गाएँगे।”