प्र1.
(क) ‘हाँ’ या ‘नहीं’ प्रश्न-उत्तर खेल — चरण— 1. एक विद्यार्थी कक्षा से बाहर जाकर दिखाई देने वाली किसी एक वस्तु या स्थान का नाम चुनेगा। कक्षा के भीतर से भी कोई नाम चुना जा सकता है। 2. विद्यार्थी वापस कक्षा में आएगा और उस नाम को एक कागज पर लिख लेगा। लेकिन ध्यान रहे, वह कागज पर लिखे नाम को किसी को न दिखाए। 3. अन्य विद्यार्थी बारी-बारी से उस वस्तु का नाम पता करने के लिए प्रश्न पूछेंगे। 4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर केवल ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में दिया जाएगा। उदाहरण के लिए— • क्या इस वस्तु का उपयोग कक्षा में होता है? • क्या यह खाने-पीने की चीज है? • क्या यह लकड़ी से बनी है? • क्या यह बिजली से चलती है? 5. सभी विद्यार्थी अधिकतम 20 प्रश्न ही पूछ सकते हैं। … 8. गतिविधि के अंत में सभी मिलकर इस खेल से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में चर्चा करें।
उत्तर
यह कक्षा में खेला जाने वाला खेल है। जीतने की कुंजी यह है कि 20 प्रश्न बहुत कम हैं, इसलिए ऐसे प्रश्न पूछिए जो हर बार संभावनाओं को आधा कर दें। एक-एक वस्तु का नाम लेकर पूछना (“क्या यह डस्टर है?”) सबसे ख़राब रणनीति है।
प्रश्नों का सही क्रम — चौड़े से सँकरे की ओर:
- स्थान: क्या वह वस्तु कक्षा के भीतर है?
- जीवित/निर्जीव: क्या वह सजीव है?
- आकार: क्या वह आपके बस्ते में आ सकती है?
- पदार्थ: क्या वह लकड़ी की बनी है? / क्या वह धातु की है?
- उपयोग: क्या उसका उपयोग पढ़ने-लिखने में होता है?
- बिजली: क्या वह बिजली से चलती है?
- रंग/स्थिति: क्या वह दीवार पर लगी है?
- अब बचे हुए दो-तीन नामों में से सीधे पूछिए — “क्या यह घड़ी है?”
| क्रम | प्रश्न | उत्तर | क्या बचा |
|---|---|---|---|
| 1 | क्या वह कक्षा के भीतर है? | हाँ | बाहर की सब चीज़ें हट गईं |
| 2 | क्या वह सजीव है? | नहीं | केवल निर्जीव वस्तुएँ |
| 3 | क्या वह बस्ते में आ सकती है? | नहीं | बड़ी वस्तुएँ — मेज़, कुर्सी, बोर्ड, पंखा, घड़ी… |
| 4 | क्या वह बिजली से चलती है? | हाँ | पंखा, बल्ब, घड़ी |
| 5 | क्या वह छत पर लगी है? | नहीं | घड़ी (दीवार पर) |
| 6 | क्या यह घड़ी है? | हाँ — जीत! | केवल 6 प्रश्नों में |
इसका पाठ से क्या संबंध है: यही तो तीनों भाइयों ने किया था। उन्होंने एक-एक करके संभावनाएँ घटाईं — बड़े पैरों के चिह्न यानी बड़ा ऊँट; एक ओर की चरी घास यानी एक आँख से न देखना; घुटनों के निशान और जूतों के निशान यानी सवार उतरे थे। हर अवलोकन ने उत्तर को थोड़ा और सँकरा किया।
चर्चा के लिए (चरण 8): खेल के बाद पूछिए — कौन-सा प्रश्न सबसे अधिक काम आया? किस प्रश्न से कुछ भी पता नहीं चला और क्यों? (सामान्यत: वे प्रश्न बेकार जाते हैं जिनका उत्तर पहले ही मालूम था।)