कक्षा ७ हिंदी अध्याय 2 तीन बुद्धिमान के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

तीन बुद्धिमान एक लोककथा है — यानी पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक रूप से चली आई कहानी। पुस्तक में इसके किसी लेखक का नाम नहीं दिया गया, क्योंकि लोककथा किसी एक व्यक्ति की रचना नहीं होती। एक निर्धन पिता अपने तीन बेटों से कहता था — हमारे पास रुपया-पैसा और सोना-चाँदी नहीं है, इसलिए तुम “दूसरे प्रकार का धन” संचित करो, यानी पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि । पिता की मृत्यु के बाद तीनों भाई जगत देखने निकल पड़े। चालीस दिन की थकाऊ यात्रा के बाद वे एक बड़े नगर के पास पहुँचे। रास्ते के चिह्न देखकर बड़े भाई ने कहा — यहाँ से एक बहुत बड़ा ऊँट गया है; मझले ने कहा — वह एक आँख से नहीं देख पाता ; छोटे ने कहा — उस पर एक महिला और एक बच्चा सवार थे। यही बातें सुनकर ऊँट के स्वामी (घुड़सवार) ने उन्हें चोर समझ लिया और राजा के पास ले गया। राजा ने उनकी परीक्षा ली — एक बंद पेटी मँगवाई और पूछा कि उसमें क्या है। भाइयों ने बता दिया — उस

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शब्दअर्थपाठ की पंक्तिअपने वाक्य में प्रयोग
पैनी दृष्टिबारीक़ी से देखने वाली नज़र, तेज़ नज़र“रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी”शिक्षक की पैनी दृष्टि से एक भी ग़लती नहीं बचती।
तीव्र / तीक्ष्ण बुद्धितेज़ समझ, जल्दी सोच लेने की शक्ति“सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी”रोहन की तीव्र बुद्धि ने पहेली दो मिनट में हल कर दी।
संचित करनाइकट्ठा करना, जमा करना“तुम्हें एक दूसरे प्रकार का धन संचित करना चाहिए”हमें पानी बूँद-बूँद संचित करना चाहिए।
उन्नीस होनाकिसी से थोड़ा कम या कमज़ोर पड़ना (मुहावरा)“तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे”मेहनत करोगे तो किसी से उन्नीस नहीं रहोगे।
चल बसनामृत्यु हो जाना (मुहावरा)“कुछ समय पश्चात् पिता चल बसे”बहुत बूढ़े हो चुके दादाजी पिछले वर्ष चल बसे।
रेवड़भेड़-बकरियों का झुंड“मैं अपने रेवड़ों को पहाड़ों पर लिए जा रहा था”गड़रिया अपना रेवड़ लेकर पहाड़ी की ओर चला।
चरवाहापशु चराने वाला“हम चरवाहों या खेत में श्रमिकों का काम कर लेंगे”चरवाहा दिन भर गायों के साथ रहता है।
घुड़सवारघोड़े पर सवार व्यक्ति“लेकिन घुड़सवार उनकी एक भी सुनने को तैयार नहीं था”मेले में घुड़सवार का करतब सबने देखा।
आवभगतस्वागत-सत्कार, ख़ातिरदारी“लगा इन भाइयों की आवभगत करने”गाँव में मेहमानों की ख़ूब आवभगत होती है।
ज्ञानेंद्रियाँज्ञान कराने वाली पाँच इंद्रियाँ — आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा“अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का पूरा उपयोग करते हैं”हम अपनी ज्ञानेंद्रियों से ही संसार को जानते हैं।
कारक / परसर्ग‘ने, को, से, में, पर…’ जैसे शब्द जो संज्ञा-सर्वनाम का दूसरे शब्दों से संबंध जोड़ते हैं“संज्ञा या सर्वनाम के साथ प्रयुक्त होने वाले शब्दों के ऐसे रूपों को कारक या परसर्ग कहते हैं”‘राम ने पत्र लिखा’ में ‘ने’ कारक है।
लोककथालोक में मौखिक रूप से चली आ रही कथा“लोककथा के लिखित रूप में आने से पहले कहानियों का प्रचलन मौखिक रूप में ही … चलता था”दादी ने रात में एक पुरानी लोककथा सुनाई।
  1. मेरी समझ से
  2. पंक्तियों पर चर्चा
  3. मिलकर करें मिलान
  4. सोच-विचार के लिए
  5. अनुमान और कल्पना से
  6. शब्द से जुड़े शब्द
  7. लोककथा को सुनाना
  8. कारक
  9. सूचनापत्र
  10. आपकी बात
  11. ध्यान से देखना-सुनना-अनुभव करना
  12. आज की पहेली
  13. खोजबीन के लिए
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