मल्हार अध्याय 2 खोजबीन के लिए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
नीचे दिए गए लिंक का प्रयोग करके आप बहुत-सी अन्य लोककथाएँ देख-सुन सकते हैं— • सुनो लोककथा • दुनिया की छत • भूल चूक लेनी देनी
उत्तर

पुस्तक में इन तीनों के साथ क्यू आर कोड दिए गए हैं। उन्हें अपने शिक्षक या अभिभावक की सहायता से स्कैन कीजिए और लोककथाएँ सुनिए-देखिए। ये तीनों सामग्रियाँ NCERT के अपने डिजिटल मंचों (दीक्षा / e-पाठशाला) पर उपलब्ध हैं।

शीर्षकक्या मिलेगा
सुनो लोककथाभारत के अलग-अलग प्रदेशों की लोककथाओं का सुनाया हुआ (ऑडियो) रूप — यानी वही मौखिक परंपरा जिसकी बात ‘लोककथा को सुनाना’ में की गई है।
दुनिया की छतपहाड़ी क्षेत्र से जुड़ी कथा-सामग्री। ‘दुनिया की छत’ नाम तिब्बत-पामीर के ऊँचे पठारों के लिए प्रयोग होता है।
भूल चूक लेनी देनीएक रोचक कथा, जिसका शीर्षक ही एक प्रचलित मुहावरा है — अर्थात ‘जो भूल हो गई, उसे आपस में क्षमा कर लें’।

खोजबीन को अपनी परियोजना बनाइए:

  1. सुनी हुई प्रत्येक लोककथा का नाम, प्रदेश और उसका एक पंक्ति का सार कॉपी में लिखिए।
  2. हर कथा से मिलने वाली सीख अलग से लिखिए।
  3. अपने घर के किसी बुज़ुर्ग से एक लोककथा सुनिए और उसे अपने शब्दों में लिखकर कक्षा में सुनाइए — यही सबसे अच्छी खोजबीन है, क्योंकि वह कथा शायद कहीं लिखी ही न हो।
  4. कक्षा में सबकी कथाओं को जोड़कर एक ‘हमारी लोककथाएँ’ नाम की हस्तलिखित पुस्तिका बनाइए।
लोककथा की पहचान: उसका कोई एक लेखक नहीं होता; वह सुनने-सुनाने से चलती है; उसमें सरल पात्र, छोटे संवाद और अंत में कोई सीख होती है। ‘तीन बुद्धिमान’ में भी यही सब है — इसीलिए वह लोककथा है।
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