प्र1.
(क) लोककथा के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) लोककथा में पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है? • खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना • पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना • ऊँट का व्यापार करना • गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना
उत्तर
सटीक उत्तर है — पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना। इसी विकल्प के सामने तारा (★) बनाइए।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना | ग़लत | पिता ने साफ़ कहा — “हमारे पास न तो रुपया-पैसा है और न ही सोना-चाँदी।” वे रुपया जोड़ने की नहीं, दूसरे प्रकार के धन की बात कर रहे थे। |
| पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना | सही ★ | पिता के अपने शब्द हैं — “रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी।” |
| ऊँट का व्यापार करना | ग़लत | ऊँट कथा में बहुत बाद में आता है और वह भी दूसरे व्यक्ति का है। पिता की सलाह से इसका कोई संबंध नहीं। |
| गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना | ग़लत | नगर जाने का निर्णय बेटों ने पिता की मृत्यु के बाद स्वयं लिया — “आओ, घूम फिरकर जगत देखें।” यह पिता की सलाह नहीं थी। |
क्यों: पिता जानता था कि वह बेटों को संपत्ति नहीं दे सकता। इसलिए उसने वह पूँजी देनी चाही जो कभी चोरी नहीं होती और ख़र्च करने पर घटती नहीं — ध्यान से देखने की आदत और सोचने की शक्ति। पूरी कथा इसी बात को सिद्ध करती है।