तीनों भाइयों ने ऊँट को नहीं, ऊँट के छोड़े हुए चिह्नों को देखा था और उन चिह्नों से अनुमान लगाया था। हर भाई ने एक अलग सुराग़ पकड़ा।
| भाई | उसने क्या कहा | किस प्रमाण से |
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| सबसे बड़ा | “थोड़ी ही देर पहले यहाँ से एक बहुत बड़ा ऊँट गया है।” | धूल पर पड़े बड़े-बड़े पैरों के चिह्न — “धूल पर उसके पैरों के चिह्नों से मुझे पता चला कि कोई बहुत बड़ा ऊँट वहाँ से गया है।” |
| मझला | “संभवत: वह ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता हो।” | सड़क के केवल दायीं ओर की घास चरी हुई थी, बायीं ओर की ज्यों की त्यों — यानी उसे बायीं ओर की घास दिखी ही नहीं। |
| सबसे छोटा | “ऊँट पर एक महिला और एक बच्चा सवार थे।” | एक स्थान पर ऊँट के घुटने टेककर बैठने के चिह्न, पास ही रेत पर महिला के जूतों के निशान और साथ में छोटे-छोटे पैरों के निशान। |
ऊँट खो गया है — यह भी बड़े भाई ने अनुमान से जाना: “जब मैंने अपने पास से जानेवाले घुड़सवार को अपने चारों ओर नज़र दौड़ाते देखा तो उसी समय मेरी समझ में यह बात आ गई कि वह क्या खोज रहा है।”