प्र1.
• रंग-बिरंगे फूलों से • फूलों की घाटी में — कविता
उत्तर
यह पढ़ने और खोजने का सुझाव है, प्रश्न नहीं। पुस्तक चाहती है कि आप कविता से आगे बढ़कर फूलों पर लिखी और सामग्री ढूँढ़ें और पढ़ें।
| सुझाव | क्या करना है |
|---|---|
| रंग-बिरंगे फूलों से | अपने आसपास खिलने वाले फूलों की एक सूची बनाइए — गुलाब, गेंदा, गुड़हल, चंपा, चमेली, सूरजमुखी, कमल, सरसों के फूल। हर फूल के आगे लिखिए — उसका रंग, खिलने का मौसम और उसका उपयोग। हो सके तो सूखी पंखुड़ियाँ चिपकाकर एक ‘फूल-पुस्तिका’ बनाइए। |
| फूलों की घाटी में — कविता | पुस्तकालय या शिक्षक की सहायता से यह कविता खोजकर पढ़िए। ‘फूलों की घाटी’ (Valley of Flowers) उत्तराखंड के चमोली ज़िले में स्थित एक विश्व धरोहर स्थल है, जहाँ वर्षा ऋतु में सैकड़ों प्रकार के जंगली फूल एक साथ खिलते हैं। कविता पढ़कर लिखिए कि कवि ने घाटी का चित्र किन-किन रंगों और ध्वनियों से खींचा है। |
परियोजना के लिए और सुझाव —
- अपने विद्यालय या घर के आँगन के किसी एक पौधे को एक महीने तक देखिए और सप्ताह में एक बार लिखिए कि उसमें क्या बदला — कली आई, फूल खिला, मुरझाया, बीज बना।
- अपने क्षेत्र के किसी बड़े-बुज़ुर्ग या माली से पूछिए कि कौन-सा फूल किस मौसम में खिलता है और किस काम आता है। सुनी बातें अपनी भाषा में लिखिए।
- हरिऔध जी की अन्य बाल-कविताएँ — विशेषकर चंद्र-खिलौना और खेल-तमाशा संकलनों से — पढ़िए और कक्षा में सुनाइए।
नमूना उत्तर की शुरुआत: “हमारे आँगन में गुड़हल का पौधा है। उसके फूल गहरे लाल होते हैं और सुबह खिलकर शाम तक मुरझा जाते हैं। दादी उसकी पंखुड़ियों से बालों के लिए तेल बनाती हैं…”