मल्हार अध्याय 4 मिलकर करें मिलान

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पाठ में से कुछ शब्द समूह या संदर्भ चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं और उनके अर्थ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर सही मिलान कीजिए। स्तंभ 1 — 1. वर्षा जल संग्रहण 2. जल संकट 3. जल-चक्र 4. भूजल। स्तंभ 2 — 1. जमीन के नीचे छिपा जल भंडार। 2. वर्षा के जल को प्राकृतिक अथवा कृत्रिम रूप से (मानवीय प्रयासों से) धरती में संग्रह करना। 3. जल की अत्यधिक कमी होना। 4. समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर पानी में बदलना और वर्षा के द्वारा पुनः समुद्र में मिल जाना।
उत्तर

सही मिलान इस प्रकार है —

स्तंभ 1मिलानस्तंभ 2पाठ का आधार
1. वर्षा जल संग्रहण→ 2वर्षा के जल को प्राकृतिक अथवा कृत्रिम रूप से (मानवीय प्रयासों से) धरती में संग्रह करना।“जल जहाँ गिरे वहीं एकत्र कीजिए।” — तालाब, झील और छत के ऊपर की टंकी, तीनों इसी के तरीके हैं।
2. जल संकट→ 3जल की अत्यधिक कमी होना।“नलों में अब पूरे समय पानी नहीं आता… देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसी हालत बन जाती है।”
3. जल-चक्र→ 4समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर पानी में बदलना और वर्षा के द्वारा पुनः समुद्र में मिल जाना।“जल की यात्रा एक तरफ से शुरू होकर समुद्र में वापिस मिल जाती है। जल-चक्र पूरा हो जाता है।”
4. भूजल→ 1जमीन के नीचे छिपा जल भंडार।“पानी का यह खजाना हमें दिखता नहीं, लेकिन इसी खजाने से… पूरे साल भर तक पानी निकाल सकते हैं।”
संक्षेप में — 1 → 2, 2 → 3, 3 → 4, 4 → 1
पहचान का आसान तरीका: ‘संग्रहण’ शब्द में जमा करना छिपा है, ‘संकट’ में कमी, ‘चक्र’ में घूमकर वापस आना और ‘भू’ में जमीन। शब्द के भीतर ही उसका अर्थ बैठा रहता है।
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