मल्हार अध्याय 4 शब्दों की बात

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
बात पर बल देना — • “हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।” • “हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।” (क) इन दोनों वाक्यों को ध्यान से पढ़िए। दूसरे वाक्य में कौन-सा शब्द हटा दिया गया है? उस शब्द को हटा देने से वाक्य के अर्थ में क्या अंतर आया है, पहचान कर लिखिए।
उत्तर

दूसरे वाक्य में ‘भी’ शब्द हटा दिया गया है।

वाक्यक्या कहता है
“हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।”धरती को पहले कही गई गुल्लक से जोड़ता है — ऊपर जिस मिट्टी की गुल्लक की बात हुई, धरती भी ठीक वैसी ही एक गुल्लक है। तुलना और अपनापन, दोनों बने रहते हैं।
“हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।”यह केवल एक सूचना बनकर रह जाता है। पिछली बात से जुड़ाव टूट जाता है और बल (जोर) खत्म हो जाता है।
‘भी’ का काम: ‘भी’ एक निपात है। यह अपने आप में कोई अर्थ नहीं रखता, पर जिस शब्द के बाद लगता है उस पर बल डाल देता है और उसे पहले कही गई बात से जोड़ देता है। यहाँ यह कहता है — “गुल्लक सिर्फ मिट्टी की वही छोटी नहीं, हमारी धरती भी एक गुल्लक है।”
खुद परखिए: “मैं भी चलूँगा” और “मैं चलूँगा” — पहले वाक्य में कोई और भी जा रहा है, दूसरे में सिर्फ मैं। एक छोटा-सा ‘भी’ पूरा अर्थ बदल देता है।
प्र2.
(ख) पाठ में ऐसे ही कुछ और शब्द भी आए हैं जो अपनी उपस्थिति से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न करते हैं। पाठ को फिर से पढ़िए और इस तरह के शब्दों वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए।
उत्तर

ऐसे शब्दों को निपात कहते हैं — भी, ही, तो, जरूर, बल्कि, केवल, मात्र। पाठ में से चुने हुए वाक्य नीचे दिए गए हैं (बल देने वाला शब्द मोटे अक्षरों में) —

पाठ का वाक्यबल देने वाला शब्दवह क्या जोड़ता है
“पर इस बारे में पढ़ा जरूर है।”जरूरसोचा भले न हो, पढ़ने की बात पक्की है — निश्चय का बल।
“पानी आता भी है तो बेवक्त।”भी, तोआने की बात मान भी लें, तब भी शिकायत बाकी रह जाती है।
“इससे कई घरों का पानी खिंचकर एक ही घर में आ जाता है।”हीसीमित करता है — और कहीं नहीं, बस उसी एक घर में।
“यह कमी गाँव-शहरों में ही नहीं बल्कि हमारे प्रदेशों की राजधानियों में… भी…”ही, बल्किदायरा बढ़ाता है — बात यहीं तक सीमित नहीं है।
“शहरों में तो अब कई चीजों की तरह पानी भी बिकने लगा है।”तो, भीअचरज और चिंता, दोनों का बल।
“लो, सब तरफ पानी ही बहने लगता है।”हीअति दिखाता है — और कुछ नहीं, बस पानी।
“यह तो हुई जल-चक्र की किताबी बात।”तोअलगाव दिखाता है — किताब की बात अलग, असल हालात अलग।
“चित्र में कुछ तीर भी बने रहते हैं।”भीपहले गिनाई गई चीजों में एक और जोड़ता है।
“यह तो हुई गरमी के मौसम की बात।”तोआगे बरसात की उलटी तस्वीर आने का संकेत देता है।
पहचानने का तरीका: वाक्य में से वह शब्द हटाकर पढ़िए। यदि वाक्य का अर्थ तो वही रहे पर जोर खत्म हो जाए, तो वही निपात है।
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