प्र1.
(क) इस पाठ का शीर्षक ‘पानी रे पानी’ दिया गया है। पाठ का यह नाम क्यों दिया गया होगा? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए। अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
उत्तर
‘पानी रे पानी’ शीर्षक इसलिए दिया गया होगा क्योंकि यह नाम पूरे पाठ का भाव एक साँस में कह देता है। इसके तीन कारण साफ दिखते हैं —
- ‘रे’ संबोधन है। लेखक पानी को दूर की कोई वस्तु नहीं मानता, उसे सीधे पुकारता है — जैसे किसी अपने से बात कर रहा हो। इससे पाठ में आत्मीयता और थोड़ी शिकायत, दोनों आ जाती हैं।
- ‘पानी…पानी’ की पुनरुक्ति दोनों हालात दिखाती है। कभी पानी बिलकुल नहीं — “नल खोलो तो पानी के बदले सूँ-सूँ की आवाज”; और कभी पानी ही पानी — “बरसात में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई देना।” शीर्षक अकाल और बाढ़, दोनों को एक साथ पकड़ लेता है।
- यह लोकभाषा की लय है। गीतों में ऐसा संबोधन बार-बार आता है, इसलिए बच्चों की जबान पर यह नाम तुरंत चढ़ जाता है। पाठ भी सरल, बातचीत जैसी भाषा में लिखा गया है — शीर्षक उसी शैली से मेल खाता है।
कारण एक वाक्य में: शीर्षक विषय भी बताता है (पानी), भाव भी (चिंता और पुकार) और पाठ की शैली भी (सहज, बातचीत जैसी) — इसीलिए यही नाम सबसे उपयुक्त है।