मल्हार अध्याय 5 मेरी समझ से

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। — (1) बच्चे के विद्यालय न जाने का मुख्य कारण क्या था? • उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था। • उसका साबूदाने की खीर खाने का मन था। • उसने गृहकार्य नहीं किया था। • उसे बुखार हो गया था।
उत्तर

इस प्रश्न के दो उत्तरों पर तारा बनेगा —

  • उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था।
  • उसने गृहकार्य नहीं किया था।

कहानी में बच्चा स्वयं कहता है — “कुछ रोज बाद एक दिन मेरा स्कूल जाने का मन नहीं किया। मैंने होमवर्क भी नहीं किया था। स्कूल जाता तो जरूर सजा मिलती।” यही दोनों बातें मिलकर उसे बहाना बनाने पर मजबूर करती हैं।

बाकी विकल्प क्यों नहीं: साबूदाने की खीर खाने का मन उसे जरूर था, पर वह स्कूल न जाने का मुख्य कारण नहीं, बल्कि बीमार पड़ने के आकर्षण का एक हिस्सा था। और बुखार तो उसे हुआ ही नहीं — नानाजी ने माथा छूकर साफ कहा, “बुखार तो नहीं है।”
प्र2.
(2) कहानी के अंत में बच्चे ने कहा, “इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।” बच्चे ने यह निर्णय लिया क्योंकि— • घर में रहने के बजाय विद्यालय जाना अधिक रोचक है। • बीमारी का बहाना बनाने से साबूदाने की खीर नहीं मिलती। • झूठ बोलने से झूठ के खुलने का डर हमेशा बना रहता है। • इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।
उत्तर

सबसे सही उत्तर पर तारा —

  • इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।
  • घर में रहने के बजाय विद्यालय जाना अधिक रोचक है। (यह भी लिया जा सकता है)

बच्चे ने खुद सोचा था — “इससे तो स्कूल चला जाता तो ही ठीक रहता। सजा मिलती तो मिल जाती। कितना मजा आता जब रिसेस में ठेले पर जाकर नमक मिर्च लगे अमरूद खाते कटर-कटर।” यानी बहाने का नतीजा ऊब, भूख और अकेलापन निकला, जबकि स्कूल का दिन कहीं ज्यादा रोचक होता।

क्यों नहीं: खीर न मिलना उसकी निराशा का एक कारण जरूर है, पर पूरा निर्णय बदलने की वजह नहीं। झूठ खुलने का डर कहानी में कहीं व्यक्त नहीं हुआ — उसका झूठ अंत तक खुला ही नहीं, फिर भी वह पछताया।
प्र3.
(3) “लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी” इस बात से बच्चे के बारे में क्या पता चलता है? • उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी। • उसे अपनी बीमारी की कोई चिंता नहीं रह गई थी। • वह बिस्तर पर आराम करने का आनंद ले रहा था। • बीमारी के कारण उसकी पीठ में दर्द हो रहा था।
उत्तर

सही उत्तर पर तारा —

  • उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी।

इसी वाक्य से पहले लेखक लिखता है — “चाहे जितनी ऊब हो, लेटे ही रहना था।” और इसके तुरंत बाद — “उठकर बैठ गया। लेकिन बाहर कुछ आहट होते ही फिर से लेट गया।” यानी पीठ का दुखना बीमारी का लक्षण नहीं, लगातार बेमन लेटे रहने का नतीजा था।

क्यों नहीं: बच्चा बीमार था ही नहीं, इसलिए “बीमारी के कारण पीठ में दर्द” गलत है। और आनंद वह ले ही नहीं पा रहा था — वह बार-बार बाहर की चहल-पहल देखने को छटपटा रहा था।
प्र4.
(4) “क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!” बच्चे के मन में यह बात आई क्योंकि— • बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है। • बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है। • बीमार व्यक्ति को विद्यालय नहीं जाना पड़ता है। • बीमार व्यक्ति अस्पताल में शांति से लेटा रहता है।
उत्तर

इस प्रश्न के भी एक से अधिक उत्तर बनते हैं —

  • बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है।
  • बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है।
  • बीमार व्यक्ति अस्पताल में शांति से लेटा रहता है।

बच्चे ने ठीक इसी क्रम में सोचा था — “ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो!” उसके पहले वह अस्पताल का माहौल देख चुका था — चमकता फर्श, हरे पेड़, “न ट्रैफिक का शोरगुल, न धूल, न मच्छर-मक्खी…। बाकी एकदम शांति।”

ध्यान दें: “विद्यालय नहीं जाना पड़ता” वाली बात बच्चे के मन में बाद में आती है, अस्पताल में नहीं। इसलिए इस पंक्ति के लिए वह सबसे कमजोर विकल्प है — पर यदि आप इसे भी चुनें तो कारण बताकर चुन सकते हैं।
प्र5.
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर

यह समूह-चर्चा का प्रश्न है। इसका “एक” उत्तर नहीं होता — यहाँ महत्व इस बात का है कि आप अपने चुनाव का कारण पाठ से दे सकें।

चर्चा कैसे करें:

  1. हर साथी बारी-बारी बताए कि उसने कौन-सा विकल्प चुना।
  2. फिर वह कहानी की वह पंक्ति पढ़कर सुनाए जिससे उसका उत्तर सिद्ध होता हो।
  3. जहाँ दो अलग उत्तर हैं, वहाँ देखिए कि दोनों के पास पाठ का प्रमाण है या केवल एक के पास।
  4. अंत में समूह मिलकर तय करे कि कौन-से उत्तरों पर तारा बनेगा।
नमूना उत्तर: “मैंने पहले प्रश्न में दो तारे बनाए, क्योंकि कहानी में दोनों बातें साथ-साथ लिखी हैं — मन न होना और गृहकार्य न करना। मेरे मित्र ने केवल ‘गृहकार्य नहीं किया था’ चुना, क्योंकि उसे लगा कि सजा का डर ही असली कारण है। चर्चा के बाद हम दोनों इस पर सहमत हुए कि दोनों कारण मिलकर बहाना बनवाते हैं।”
यह प्रश्न क्यों दिया गया: साहित्य में एक ही पंक्ति के एक से अधिक अर्थ निकल सकते हैं। मित्रों के तर्क सुनकर हमें पता चलता है कि हमने पाठ का कौन-सा हिस्सा छोड़ दिया था।
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