कक्षा ७ हिंदी अध्याय 5 नहीं होना बीमार के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

कहानी के लेखक स्वयं प्रकाश (1947–2019) हैं; यह पाठ कक्षा 7 की हिंदी पाठ्यपुस्तक मल्हार का पाँचवाँ पाठ है और पृष्ठ 57 से 72 तक फैला है। बच्चा नानीजी के साथ अस्पताल जाता है, वहाँ की सफाई, शांति, हरे पेड़ और सुधाकर काका को मिली साबूदाने की खीर देखकर सोचता है — “क्या ठाठ हैं बीमारों के भी।” गृहकार्य न करने और स्कूल न जाने के मन के कारण वह अगली बार बीमारी का बहाना बना लेता है — सिरदर्द, पेटदर्द और बुखार का झूठ बोलकर रजाई में पड़ा रहता है। नानाजी उसे कड़वी पुड़िया और काढ़े जैसी चाय पिला देते हैं और खाना बंद करा देते हैं — “तबियत ढीली हो तो सबसे अच्छा उपाय है भूखे रहना।” दिनभर वह ऊब, भूख, अकेलेपन और मुन्नू के आम चूसने पर ईर्ष्या से जूझता है; अंत में तय करता है कि अब कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाएगा। कहानी की खूबियाँ — चित्रात्मक भाषा, बच्चे की कल्पना, हास्य, स्वयं से बातें करना और अंत में सोच का ब

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दअर्थकहानी में कहाँ आयाएक वाक्य में प्रयोग
वार्डकिसी विशिष्ट कार्य के लिए घेरकर बनाया हुआ स्थान (अस्पताल का बड़ा कमरा)“एक बड़े से वार्ड में कई एक जैसे पलंग लाइन से लगे हुए थे।”बच्चों का वार्ड पहली मंजिल पर है।
नर्सवह व्यक्ति जो रोगियों, घायलों या वृद्धों आदि की देखभाल करे“तभी सफेद कपड़ों में एक नर्स आई।”नर्स ने समय पर दवा दे दी।
साबूदानासागू नामक वृक्ष के तने का गूदा, जिसे सुखाकर दानों के रूप में बनाया जाता है“नानीजी काका के लिए साबूदाने की खीर बनाकर लाई थीं।”व्रत में माँ साबूदाने की खिचड़ी बनाती हैं।
रजाईजाड़े का ओढ़ना जिसका कपड़ा दोहरा होता है और जिसमें रुई भरी होती है“मैं रजाई से निकला ही नहीं।”ठंड बढ़ते ही रजाई निकाल ली गई।
थर्मामीटरशरीर का तापमान (जैसे बुखार) नापने का छोटा यंत्र“बहुत ढूँढ़ा गया पर थर्मामीटर मिला ही नहीं।”थर्मामीटर लगाकर बुखार देख लो।
काढ़ाजड़ी-बूटियों और औषधियों को उबालकर बनाया गया पेय“काढ़े जैसी चाय पीनी पड़ी।”सर्दी में दादी काढ़ा पिलाती हैं।
पुड़ियाकागज में मोड़कर रखी गई दवा की छोटी मात्रा“ले, पुड़िया खा ले।”वैद्यजी ने तीन पुड़िया दीं।
नब्जकलाई पर महसूस होने वाली नाड़ी की धड़कन“पेट देखा और नब्ज देखने लगे।”डॉक्टर ने नब्ज देखकर बताया।
विकारशरीर या मन का दोष/खराबी“इससे सारे विकार निकल जाएँगे।”खाने में संयम रखने से विकार दूर होते हैं।
ड्राइक्लीनरनाजुक कपड़ों को पानी-साबुन के बिना मशीन से साफ करने वाला व्यक्ति“चंदूभाई ड्राइक्लीनर क्या कर रहे हैं?”कोट ड्राइक्लीनर को दे आओ।
अरहरएक दाल जिसे तुअर भी कहते हैं“अरहर की दाल में हींग-जीरे का बघार…”आज अरहर की दाल बनी है।
चित्रात्मक भाषाऐसा वर्णन जिससे दृश्य आँखों के सामने चित्र-सा बन जाएअस्पताल के माहौल का वर्णनचित्रात्मक भाषा रचना को सरस बनाती है।
  1. मेरी समझ से
  2. मिलकर करें मिलान
  3. पंक्तियों पर चर्चा
  4. सोच-विचार के लिए
  5. अनुमान और कल्पना से
  6. कहानी की रचना
  7. समस्या और समाधान
  8. शब्द से जुड़े शब्द
  9. खोजबीन
  10. शीर्षक
  11. अभिनय
  12. चेहरों पर मुस्कान, मुँह में पानी
  13. लेखन के अनोखे तरीके
  14. विराम चिह्न
  15. कैसी होगी गली
  16. आपकी बात
  17. बहाने
  18. अनुमान
  19. घर का सामान
  20. खान-पान और आप
  21. आज की पहेली
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