प्र1.
“देखें!” नानाजी ने रजाई हटाकर मेरा माथा छुआ। पेट देखा और नब्ज देखने लगे। इस बीच नानीजी भी आ गईं। “क्या हुआ?”, नानीजी ने पूछा। — पिछले पृष्ठ पर दिए गए वाक्यों को ध्यान से देखिए। इन वाक्यों में आपको कुछ शब्दों से पहले या बाद में कुछ चिह्न दिखाई दे रहे हैं। इन्हें विराम चिह्न कहते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर नीचे दिए गए विराम चिह्न को कहानी में ढूँढ़िए। ध्यानपूर्वक देखकर समझिए कि इनका प्रयोग वाक्यों में कहाँ-कहाँ किया जाता है। आपने जो पता किया, उसे नीचे लिखिए— पूर्ण विराम ( । ), अल्प विराम ( , ), प्रश्नवाचक चिह्न ( ? ), विस्मयादिबोधक चिह्न ( ! ), उद्धरण चिह्न ( “ ” )
उत्तर
पाठ्यपुस्तक की तालिका इस प्रकार भरी जाएगी —
| विराम चिह्न | कहाँ प्रयोग किया जाता है | कहानी से उदाहरण |
|---|---|---|
| पूर्ण विराम ( । ) | वाक्य पूरा होने पर, उसके अंत में। यह बताता है कि बात यहाँ समाप्त हुई और यहाँ रुकना है। | “नानीजी चली गईं।” / “दोनों चले गए।” |
| अल्प विराम ( , ) | वाक्य के भीतर थोड़ी देर रुकने के लिए; एक-सी चीजों की सूची अलग करने के लिए; संबोधन या उद्धरण के बाद। | “मैं जलन, गुस्से और कुढ़न में पाँव पटकता…” / “क्या हुआ?”, नानीजी ने पूछा। / “हाँ, दाल-चावल, तली हुई हरी मिर्ची।” |
| प्रश्नवाचक चिह्न ( ? ) | प्रश्न पूछने वाले वाक्य के अंत में। | “क्या हो गया?” / “आखिर कब तक कोई पड़ा रह सकता है?” / “किससे कॉपी माँगोगे?” |
| विस्मयादिबोधक चिह्न ( ! ) | हर्ष, आश्चर्य, दुख, क्रोध या किसी तेज भाव को दिखाने वाले शब्द या वाक्य के बाद। | “काश! सुधाकर काका की जगह मैं होता!” / “आम! इस मौसम में!” / “हे भगवान!” / “क्या मुसीबत है!” |
| उद्धरण चिह्न ( “ ” ) | किसी के कहे हुए शब्दों को ज्यों-का-त्यों लिखने पर, यानी संवाद के आगे-पीछे; किसी शीर्षक या विशेष शब्द को अलग दिखाने पर। | “मैं आज बीमार हूँ।” / “बुखार तो नहीं है।” नानाजी बोले। / ‘चित्रात्मक भाषा’ |
विराम चिह्न इतने जरूरी क्यों: बोलते समय हम आवाज ऊँची-नीची करके, रुककर या हैरान होकर अर्थ बता देते हैं। लिखते समय यही काम विराम चिह्न करते हैं। जरा फर्क देखिए —
“बुखार आ गया।” = सूचना | “बुखार आ गया?” = शक भरा सवाल | “बुखार आ गया!” = घबराहट या आश्चर्य। शब्द वही, चिह्न बदलते ही अर्थ बदल गया।
“बुखार आ गया।” = सूचना | “बुखार आ गया?” = शक भरा सवाल | “बुखार आ गया!” = घबराहट या आश्चर्य। शब्द वही, चिह्न बदलते ही अर्थ बदल गया।
ध्यान दें: पूछने वाला वाक्य हो तो अंत में पूर्ण विराम नहीं, प्रश्नवाचक चिह्न ही लगता है — दोनों साथ नहीं लगाए जाते। इसी तरह संवाद के भीतर का पूर्ण विराम उद्धरण चिह्न के अंदर आता है — “मैं आज बीमार हूँ।”