प्र1.
पाठ को एक बार फिर ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए— (क) अस्पताल में बच्चे को कौन-कौन सी चीजें अच्छी लगीं और क्यों?
उत्तर
अस्पताल बच्चे के लिए बिलकुल नया अनुभव था — “अस्पताल जाने का यह मेरा पहला अवसर था।” वहाँ उसे ये चीजें अच्छी लगीं —
| जो अच्छा लगा | कहानी की पंक्ति | क्यों अच्छा लगा |
|---|---|---|
| सफाई और व्यवस्था | “एक जैसे पलंग लाइन से लगे हुए थे… सफेद दीवारें, ऊँची छत… फर्श एकदम चमकता हुआ।” | हर चीज करीने से लगी थी — घर की भीड़-भाड़ से बिलकुल अलग। |
| खिड़कियों के बाहर हरे पेड़ | “बड़ी-बड़ी खिड़कियों के पास हरे-हरे पेड़ झूम रहे थे।” | दृश्य सुंदर और ताजा लगा। |
| शोर, धूल और मच्छर-मक्खी का न होना | “न ट्रैफिक का शोरगुल, न धूल, न मच्छर-मक्खी…।” | उसकी गली इन्हीं सबसे भरी रहती थी। |
| शांति और धीमी गुनगुन | “सिर्फ लोगों के धीरे-धीरे बातचीत करने की धीमी-धीमी गुनगुन। बाकी एकदम शांति।” | ऐसी शांति उसने पहले कहीं महसूस नहीं की थी। |
| बीमार की सेवा और साबूदाने की खीर | “नानीजी ने चम्मच से धीरे-धीरे काका को साबूदाने की खीर खिलाई।” | बीमार होना उसे लाड़ पाने और स्वादिष्ट खाना पाने जैसा लगा। |
असली कारण: बच्चे को अस्पताल इसलिए अच्छा लगा क्योंकि उसने वहाँ केवल ऊपरी दृश्य देखा — बीमारी की तकलीफ नहीं देखी। इसी अधूरे देखने से उसके मन में यह भ्रम बना कि “क्या ठाठ हैं बीमारों के भी।”