प्र1.
(क) अब आप पाठ में दी गई दोनों कुंडलियों को ध्यान से देखिए और अपने-अपने समूह में मिलकर इनकी विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए। (तालिका — जो विशेषताएँ दोनों कुंडलियों में हैं / जो विशेषताएँ किसी एक कुंडलिया में हैं)
उत्तर
दोनों कुंडलियों को साथ रखकर पढ़िए। सूची इस प्रकार बनेगी —
| जो विशेषताएँ दोनों कुंडलियों में हैं | जो विशेषताएँ किसी एक कुंडलिया में हैं |
|---|---|
| दोनों में छह-छह पंक्तियाँ हैं — पहले दो पंक्तियों का दोहा, फिर चार पंक्तियों का रोला। यही कुंडलिया छंद है। | पहली में — “खान पान सन्मान राग रंग” की तरह एक ही पंक्ति में कई वस्तुओं की सूची आई है। |
| दोनों का पहला शब्द ही अंतिम शब्द भी है — “बिना बिचारे … बिना बिचारे”, “बीती … बीती”। कुंडली की तरह गोल घूमकर वहीं आ जाना। | दूसरी में — विपरीत अर्थ वाले काल-शब्द साथ आए हैं — “बीती” (अतीत) और “आगे” (भविष्य)। |
| दोनों में दोहे की दूसरी पंक्ति का अंश तीसरी पंक्ति के आरंभ में दोहराया गया है — “जग में होत हँसाय”, “ताही में चित देइ”। | पहली में — बिना सोचे किए काम के दुष्परिणाम गिनाए गए हैं (पछतावा, हँसी, बेचैनी, न टलने वाला दुख)। |
| दोनों की पाँचवीं पंक्ति में “कह गिरिधर कविराय” आता है — यानी कवि अपना नाम स्वयं जोड़ता है (छाप)। | दूसरी में — सीधा समाधान और आज्ञा-रूप दिए गए हैं — “बिसारि दे”, “सुधि लेइ”, “चित देइ”, “करु”। |
| दोनों में तुक मिलती है — पछिताय/हँसाय/भावै/पावै, लेइ/देइ, परतीती/बीती। | पहली में — समाज और लोक-लाज की बात है (“जग में होत हँसाय”)। |
| दोनों में अनुप्रास है — “बिना बिचारे”, “पाछे पछिताय”, “बीती … बिसारि”। | दूसरी में — “मन परतीती” यानी मन में विश्वास जमाने की बात है, जो पहली में नहीं आती। |
| दोनों की भाषा ब्रज है और शैली नीतिपरक — मानो कोई बड़ा हमसे बातचीत कर रहा हो। | पहली में — “दुःख कछु टरत न टारे” जैसी पीड़ा की गहराई है, जो दूसरी में नहीं है। |
| दोनों में बोलने पर बराबर समय लगता है — इसी लय के कारण ये पंक्तियाँ कहावत बन गईं। | दूसरी में — “जो बनि आवै सहज में” जैसा जीवन-जीने का व्यावहारिक सूत्र है। |
कुंडलिया की सबसे बड़ी पहचान: जिस शब्द से कुंडलिया शुरू होती है, उसी पर वह समाप्त होती है — जैसे कुंडली (गोल घेरा)। इसी से इसका नाम कुंडलिया पड़ा। दोनों कुंडलियों में यह नियम पूरा-पूरा निभाया गया है।