प्र1.
(क) खुले आसमान में, पेड़ों की टहनियों, छतों और भवनों आदि पर बैठे या उड़ते पक्षी बहुत मनमोहक लगते हैं। अपनी पसंद के ऐसे कुछ दृश्यों का कोलाज बनाकर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर
यह हाथ से करने की गतिविधि है। कोलाज का अर्थ है — कई चित्रों, कतरनों और रंगीन काग़ज़ों को एक ही चार्ट पर सजाकर एक नया चित्र बना देना।
बनाने का तरीक़ा:
- सामग्री जुटाइए — एक चार्ट पेपर, गोंद, कैंची, रंगीन काग़ज़ और पुरानी पत्रिकाओं, कैलेंडरों या अख़बारों की पक्षी वाली तस्वीरें। कुछ चित्र आप स्वयं भी बना सकते हैं।
- विषय तय कीजिए — जैसे “मेरे आस-पास के पक्षी”, “उड़ान”, या “पक्षियों के घर”।
- पृष्ठभूमि बनाइए — नीले काग़ज़ से आकाश, हरे से पेड़ और भूरे से छत या डाल। ऊपर से पक्षियों की कतरनें चिपकाइए।
- परतें बनाइए — दूर के पक्षी छोटे और पास के बड़े रखिए; इससे गहराई आ जाती है।
- पंक्तियाँ जोड़िए — कोलाज के किनारे कविता की कोई पंक्ति सुंदर अक्षरों में लिखिए, जैसे — “सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं!”
- नाम लिखिए — हर पक्षी के नीचे उसका नाम लिख दीजिए, ताकि कक्षा के साथी भी पहचान सकें।
अच्छे कोलाज की तीन पहचान: (1) चित्र एक-दूसरे को ढँकें नहीं, (2) ख़ाली जगह भी थोड़ी छूटी रहे, (3) कोई एक चित्र सबसे बड़ा हो जो नज़र को पकड़ ले।