प्र1.
कक्षा 6 में हमने ‘संविधान’ शब्द का अर्थ जाना— यह एक ऐसा प्रलेख होता है जो किसी देश के मूल सिद्धांतों और कानूनों की नींव रखता है। अब तीन-तीन के छोटे समूहों में बैठकर उन सभी प्रश्नों की सूची बनाइए जो किसी देश के संविधान को लेकर आपके मन में आते हैं।
उत्तर
यह समूह-क्रियाकलाप है, इसलिए यहाँ उत्तर देना नहीं, अच्छे प्रश्न पूछना लक्ष्य है। तीन-तीन के समूह में बैठिए, प्रत्येक सदस्य अपने मन के प्रश्न लिखे, फिर उन्हें छाँटकर कक्षा के सामने रखिए।
कैसे करें: हर सदस्य को दो मिनट चुपचाप लिखने दीजिए; फिर सारे प्रश्न एक जगह कीजिए, दोहराव हटाइए और शेष को शीर्षकों में बाँटिए — किसने बनाया? इसमें क्या है? यह काम कैसे करता है? बदलना हो तो क्या? यह सूची सँभालकर रखिए; अध्याय पूरा होते-होते आप स्वयं अधिकांश उत्तर दे सकेंगे।
नमूना उत्तर: हमारे समूह की सूची —
| विषय | हमारे प्रश्न | उत्तर किस पृष्ठ पर |
|---|---|---|
| किसने बनाया | हमारा संविधान किसने लिखा? क्या उसमें भारत के सभी भागों के लोग थे? क्या कोई महिलाएँ थीं? कितना समय लगा? | 214 |
| इसमें क्या है | इसमें कितने भाग हैं? क्या इसमें लिखा है कि सरकार क्या कर सकती है और क्या नहीं? क्या इसमें मेरे अधिकार हैं? क्या मेरे कर्तव्य भी हैं? | 211, 212, 220–222 |
| यह कैसे काम करता है | इसका पालन किसे करना है? यदि कोई कानून इसके विरुद्ध हो तो क्या होगा? यह कौन तय करेगा? | 211, 220 |
| परिवर्तन | क्या इसे बदला जा सकता है? कौन बदल सकता है? क्या अब तक बदला गया है? | 223 |
| इसके मूल्य | यह किन आदर्शों का पक्ष लेता है? वे कहाँ लिखे हैं? | 224–225 |
| मूल प्रति | मूल प्रति कहाँ रखी है और उसकी रक्षा कैसे होती है? | 210 |
सुझाव: अच्छा प्रश्न वही है जिसका उत्तर प्रमाण से दिया जा सके — “संविधान सभा में कितनी महिलाएँ थीं?” प्रश्न “क्या संविधान अच्छा था?” से बेहतर है। दूसरे प्रकार के प्रश्न कक्षा-चर्चा के लिए बचाकर रखिए।