कक्षा ७ सामाजिक विज्ञान अध्याय 10 भारत का संविधान — एक परिचय के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

संविधान देश की नियम-पुस्तिका है। यह वह प्रलेख है जो किसी देश के मूल सिद्धांतों और कानूनों को निर्धारित करता है — सरकार के तीन अंगों ( विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका ) की संरचना, भूमिका और उत्तरदायित्व; इन तीनों के बीच संतुलन और नियंत्रण ; नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य; तथा राष्ट्र के दीर्घकालिक लक्ष्यों और आकांक्षाओं की रूपरेखा। अधिकांश संविधान देश के मूल्यों और आदर्शों को भी स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। भारतीय संविधान की रचना संविधान सभा ने की। यह सभा 9 दिसंबर 1946 को गठित हुई, प्रारंभ में 389 सदस्य (विभाजन के बाद घटकर 299 ), जिनमें 15 महिलाएँ थीं; अध्यक्ष थे डॉ. राजेंद्र प्रसाद । सदस्य प्रांतीय विधायिकाओं द्वारा चुने गए थे। प्रारंभिक मसौदा डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने तैयार किया। संविधान 26 नवंबर 1949 को पूर्ण हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ — इसीलिए वह

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शब्दअर्थअध्याय में कहाँयाद रखने योग्य
संविधानवह प्रलेख जो किसी देश के मूल सिद्धांतों और कानूनों को तथा शासन की व्यवस्था को निर्धारित करता हैपृष्ठ 211भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है
संविधान सभावह निकाय जिसने भारत के संविधान की रचना की और उसे अंगीकृत कियापृष्ठ 214गठन 9 दिसंबर 1946; 389 → 299 सदस्य; 15 महिलाएँ; अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रारूप समितिवह समिति जिसने संविधान का प्रारंभिक मसौदा तैयार कियापृष्ठ 214, चित्र 10.3अध्यक्ष डॉ. बी.आर. आंबेडकर, स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री
गणतंत्र दिवस26 जनवरी — वर्ष 1950 में इसी दिन संविधान लागू हुआपृष्ठ 210 एवं 214अंगीकृत 26 नवंबर 1949, लागू 26 जनवरी 1950
शक्तियों का पृथक्करणविधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की शक्तियों को अलग-अलग रखना, साथ में संतुलन और नियंत्रणपृष्ठ 211 एवं 220विधायिका कानून बनाती है · कार्यपालिका लागू करती है · न्यायपालिका संविधान की कसौटी पर परखती है
मौलिक अधिकारप्रत्येक नागरिक को मिलने वाले वे मूल अधिकार, जिनके लिए न्यायालय जाया जा सकता हैपृष्ठ 220–222, चित्र 10.14समानता का अधिकार (अनु. 14), स्वतंत्रता का अधिकार (अनु. 21), शोषण के विरुद्ध अधिकार, शिक्षा का अधिकार (अनु. 21-ए)
मौलिक कर्तव्यवे कार्य जिनकी अपेक्षा प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र और सहनागरिकों के प्रति की जाती हैपृष्ठ 222, चित्र 10.14भाग 4-ए के रूप में 1976 में जोड़े गए; सूचना-चित्र में छह कर्तव्य दिए हैं
राज्य के नीति-निर्देशक तत्ववे लक्ष्य जिन्हें सरकार को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए — संविधान निर्माताओं का सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोणपृष्ठ 220–222न्यायालय में इनकी माँग नहीं की जा सकती; ये कठोर नियम नहीं, दिशा-निर्देश हैं (अनु. 38, 41, 44, 47, 48-ए, 49)
उद्देशिकासंविधान का आरंभिक कथन, जो उसके मूल्यों और आदर्शों को बताता हैपृष्ठ 225, चित्र 10.16संप्रभु · समाजवादी · पंथनिरपेक्ष · लोकतांत्रिक · गणराज्य; न्याय · स्वतंत्रता · समानता · बंधुता
संशोधनसंसद में गहन चर्चा के बाद संविधान में किया गया परिवर्तनपृष्ठ 22342वाँ (1976) — ‘समाजवादी’, ‘पंथनिरपेक्ष’, ‘अखंडता’; 73वाँ (1992) — पंचायती राज
भाग और अनुसूचियाँवे खंड जिनमें संविधान संगठित हैइसे अनदेखा न करें, पृष्ठ 212आज 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ; 1950 में 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ
हीलियमवह गैस जो कागज या स्याही से कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं करती, इसीलिए मूल संविधान के संरक्षण में प्रयुक्तहाशिया, पृष्ठ 210, चित्र 10.2मूल प्रति संसद में हीलियम से भरे काँच के डिब्बे में सुरक्षित है
प्रेम बिहारी नारायण रायजादावह सुलेखक जिसने संविधान का मूल पाठ अपनी हस्तलिपि में लिखाइसे अनदेखा न करें, पृष्ठ 223नंदलाल बोस एवं उनके सहयोगियों ने पृष्ठ सजाए (चित्र 10.6 से 10.13)
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकारप्रत्येक वयस्क नागरिक को मतदान का अधिकार — जाति, लिंग, संपत्ति या शिक्षा से परेपृष्ठ 216 एवं 220भारत ने यह अधिकार आरंभ से ही सभी नागरिकों को दिया
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