कक्षा ७ सामाजिक विज्ञान अध्याय 9 शासक से शासित तक — सरकार के प्रकार के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
सरकार तीन कार्य करती है, और हर प्रकार की सरकार इन्हें किसी न किसी रूप में करती है। कानून बनाना विधायी कार्य है, उन्हें लागू करना और उनके अनुसार देश का प्रशासन चलाना कार्यपालिका संबंधी कार्य है तथा यह सुनिश्चित करना कि नियमों का पालन हो, न्यायिक कार्य है। देश-देश में जो बदलता है वह यह है कि ये कार्य कौन करता है और उसे यह अधिकार किसने दिया । चार प्रश्न एक सरकार को दूसरी से अलग करते हैं। ‘यह सरकार है’ — यह तय करने का अधिकार किसे है? सरकार का गठन किस प्रकार होता है? सरकार के विभिन्न अंग कौन-से हैं और वे क्या करते हैं? सरकार किस उद्देश्य से कार्य कर रही है? इन चार प्रश्नों के उत्तर ही किसी शासन प्रणाली का परिचय हैं। लोकतंत्र का अर्थ है ‘जनता का शासन’। इसके मूलभूत सिद्धांत हैं — समानता , स्वतंत्रता , प्रतिनिधि सहभागिता , सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार , मौलिक अधिकार और स्वतंत्र न्यायपालिका । अध्याय स
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| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | याद रखने योग्य |
|---|---|---|---|
| प्रतिनिधि | वह व्यक्ति जिसे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की ओर से कार्य करने या निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया हो | हाशिया टिप्पणी, पृष्ठ 188 | विद्यालय की कहानी इसी शब्द पर टिकी है — एक विद्यार्थी पूरी कक्षा की बात रखता है |
| विधायी कार्य | कानूनों का निर्माण, जो देश के संचालन का सशक्त आधार बनते हैं | पृष्ठ 189 | यह कार्य विधायिका करती है — भारत में ‘संसद’, अमेरिका में ‘कांग्रेस’ |
| कार्यपालिका संबंधी कार्य | नियमों का कार्यान्वयन और उनके अनुसार देश का प्रशासन | पृष्ठ 189 | भारत में प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद |
| न्यायिक कार्य | कानूनों की व्याख्या करना और विवादों का निपटारा करना | पृष्ठ 189 | प्रत्येक लोकतंत्र में यह स्वतंत्र न्यायपालिका करती है |
| सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार | निर्धारित आयु से ऊपर के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार | पृष्ठ 191 | भारत में 1950 से; स्विट्जरलैंड में महिलाओं को 1971 में मिला |
| उत्तरदायित्व | सरकार का जनता के प्रति जवाबदेह होना | हाशिया टिप्पणी, पृष्ठ 193 | इसीलिए चुनाव नियमित और निश्चित अंतराल पर होते हैं |
| शक्तियों का पृथक्करण | विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका का स्वतंत्र रूप से कार्य करना और एक-दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप न करना | पृष्ठ 196 | तालिका 9.1 का अंतिम स्तंभ — चारों देशों में समान |
| गणराज्य | वह शासन व्यवस्था जिसमें राज्य का प्रमुख निर्वाचित होता है, वंशानुगत राजा या रानी नहीं | पृष्ठ 197 | वज्जि महाजनपद और चोलकालीन ग्राम सभा भारतीय उदाहरण हैं |
| राजधर्म | धर्म के अनुसार शासन करना और सभी लोगों के कल्याण को सर्वोपरि रखना — राजा के निर्णय की सीमा | पृष्ठ 198–199 | शांतिपर्व में भीष्म युधिष्ठिर को यही सिखाते हैं |
| संप्रभु | कोई देश अपने आंतरिक मामलों में सर्वोच्च तथा बाहरी मामलों में स्वतंत्र है | हाशिया टिप्पणी, पृष्ठ 200 | राजा संप्रभु शक्ति का प्रयोग करते हैं |
| निरंकुश राजतंत्र | वह राजतंत्र जिसमें राजा कानून बनाता है, लागू कराता है और उल्लंघन पर न्यायिक निर्णय भी देता है | पृष्ठ 200–201 | सऊदी अरब; राजा सलाहकार परिषद नियुक्त करता है पर उसकी सलाह मानने को बाध्य नहीं |
| संवैधानिक राजतंत्र | वह राजतंत्र जिसमें राजा या रानी के पास केवल औपचारिक शक्ति होती है और वास्तविक शक्ति निर्वाचित संसद तथा प्रधानमंत्री के पास | पृष्ठ 201 | ब्रिटेन — रूप में राजतंत्र, वास्तव में संसदीय लोकतंत्र |
| धर्मतंत्र | वह शासन प्रणाली जिसमें देश का शासन धार्मिक नियमों और धार्मिक नेताओं के निर्देशों के अनुसार होता है | पृष्ठ 202 | ईरान (जहाँ निर्वाचित राष्ट्रपति और संसद भी हैं), अफगानिस्तान, वेटिकन सिटी |
| अधिनायकतंत्र | वह शासन पद्धति जिसमें एक व्यक्ति या छोटा समूह संपूर्ण सत्ता रखता है और संविधान या कानून का कोई नियंत्रण नहीं होता | पृष्ठ 202–203 | जर्मनी में एडोल्फ हिटलर, युगांडा में ईदी अमीन |
| अल्पतंत्र | कुछ शक्तिशाली लोगों या परिवारों का शासन, जो सारे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं | पृष्ठ 204 | ग्रीक ओलिगोस ‘कुछ’ + आर्को ‘शासन करना’ |
अभ्यास
- महत्वपूर्ण प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- आइए विचार करें
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए विचार करें
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- आगे बढ़ने से पहले...
- प्रश्न एवं क्रियाकलाप