अध्याय सरकारों को दो वर्गों में बाँटता है — लोकतांत्रिक सरकारें और अन्य प्रकार की सरकारें।
| वर्ग | प्रकार | शासन कौन करता है | अध्याय में दिया उदाहरण |
|---|---|---|---|
| लोकतंत्र ‘जनता का शासन' | प्रत्यक्ष लोकतंत्र | सभी नागरिक स्वयं प्रत्येक निर्णय में भाग लेते हैं | स्विट्जरलैंड की कुछ व्यवस्थाएँ |
| प्रतिनिधि लोकतंत्र | जनता प्रतिनिधि चुनती है, जो उसकी ओर से शासन करते हैं | भारत तथा आज के अधिकांश लोकतंत्र | |
| — संसदीय लोकतंत्र | कार्यपालिका विधायिका का ही भाग होती है और उसे उसका विश्वास चाहिए | भारत, ऑस्ट्रेलिया | |
| — अध्यक्षीय शासन प्रणाली | जनता द्वारा निर्वाचित राष्ट्राध्यक्ष विधायिका से स्वतंत्र कार्य करता है | संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण कोरिया | |
| अन्य स्वरूप | निरंकुश राजतंत्र | राजा कानून बनाता है, लागू कराता है और न्यायिक निर्णय भी देता है | सऊदी अरब |
| संवैधानिक राजतंत्र | राजा के पास केवल औपचारिक शक्ति; वास्तविक शासन संसद और प्रधानमंत्री का | ब्रिटेन | |
| धर्मतंत्र | शासन धार्मिक नियमों और धार्मिक नेताओं के अनुसार | ईरान, अफगानिस्तान, वेटिकन सिटी | |
| अधिनायकतंत्र | संपूर्ण सत्ता एक व्यक्ति या छोटे समूह के पास; संविधान या कानून का कोई नियंत्रण नहीं | हिटलर का जर्मनी; ईदी अमीन का युगांडा | |
| अल्पतंत्र | कुछ शक्तिशाली लोग या परिवार सारे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं | प्राचीन ग्रीस के कुलीन परिवार |
एक शब्द और जोड़ लीजिए, क्योंकि अध्याय उसे अलग से परिभाषित करता है — गणराज्य वह शासन व्यवस्था है जिसमें राज्य का प्रमुख निर्वाचित होता है और वह वंशानुगत राजा या रानी नहीं होता। गणराज्य इन प्रकारों के साथ खड़ा पाँचवाँ ‘प्रकार' नहीं है; यह बताता है कि राष्ट्राध्यक्ष कैसे चुना जाता है। भारत लोकतंत्र भी है और गणराज्य भी।