अन्वेषण अध्याय 8 भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं? के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

इस अध्याय में पावनता का अर्थ है — किसी वस्तु में गहरे धार्मिक या आध्यात्मिक भाव का अनुभव, जो पावन एवं दिव्य हो तथा आदर और श्रद्धा के योग्य हो। यह ‘वस्तु’ केवल कोई भवन नहीं होती। यह कोई विशेष स्थल या धार्मिक स्थान हो सकता है, कोई विशेष प्रकार की यात्रा (तीर्थयात्रा), उस यात्रा का मार्ग , अथवा वह संपूर्ण भूभाग जिससे होकर यात्रा गुजरती है । इसीलिए पावनता केवल धर्म और आध्यात्मिकता से नहीं, अपितु भूगोल और जीवंत परंपराओं से भी जुड़ी हुई है। भारत में प्राय: प्रत्येक विचारधारा और धर्म के अपने-अपने पावन स्थल हैं। भारत से बाहर उद्भव हुए धर्मों — इस्लाम, ईसाई, यहूदी, पारसी — के पावन स्थल हैं, जैसे अजमेर शरीफ़ तथा तमिलनाडु का वेलांकन्नी चर्च, जहाँ अन्य पंथों के लोग भी जाते हैं। बौद्ध धर्म में वे स्थल पावन हैं जहाँ महात्मा बुद्ध गए या जहाँ उनके अवशेष हैं — साँची का स्तूप तथा बोधगया का महाबोधि स्तूप, जह

  1. महत्वपूर्ण प्रश्न
  2. आइए पता लगाएँ
  3. आइए पता लगाएँ
  4. आइए पता लगाएँ
  5. आइए पता लगाएँ
  6. इसे अनदेखा न करें
  7. आइए विचार करें
  8. पाठ्य प्रश्न
  9. पाठ्य प्रश्न
  10. आइए पता लगाएँ
  11. आइए विचार करें
  12. आगे बढ़ने से पहले...
  13. प्रश्न एवं क्रियाकलाप
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ