प्र1.
लगभग 66 करोड़ लोगों ने 2025 के कुंभ मेले में भाग लिया था। भारत की पूरी जनसंख्या का यह कितना अनुपात है?
उत्तर
2025 में भारत की जनसंख्या लगभग 145 करोड़ है। अत:
अनुपात = 66 करोड़ ÷ 145 करोड़
= 0.455 …
= लगभग 45%, अर्थात प्रत्येक 20 भारतीयों में से लगभग 9 — आधे से कुछ कम।
= 0.455 …
= लगभग 45%, अर्थात प्रत्येक 20 भारतीयों में से लगभग 9 — आधे से कुछ कम।
साधारण भिन्न में 66/145 लगभग 9/20 है, अर्थात लगभग आधा।
संख्या को ध्यान से पढ़िए: 66 करोड़ पूरे 45 दिन के मेले में हुई उपस्थितियों की गणना है, 66 करोड़ भिन्न-भिन्न व्यक्तियों की नहीं। अनेक श्रद्धालु कई शुभ तिथियों पर स्नान करते हैं और हर स्नान अलग गिना जाता है। अत: वास्तविक व्यक्तियों की संख्या इससे कम रही होगी — फिर भी यह विश्व का सबसे बड़ा मानव समागम है।
यह जानना क्यों आवश्यक है: इतनी बड़ी भीड़ के लिए कुछ ही सप्ताहों में एक अस्थायी नगर बसाना पड़ता है — सड़कें, पीपा-पुल, तंबू, जल, बिजली, चिकित्सालय और स्वच्छता। इसीलिए यूनेस्को ने कुंभ मेले को ‘अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के रूप में सूचीबद्ध किया है, और इसीलिए कुंभ जितना आध्यात्मिक आयोजन है, उतना ही आर्थिक भी।
यह कीजिए: अपने राज्य की जनसंख्या लीजिए और पता कीजिए कि 66 करोड़ में वह कितनी बार समा जाएगी। 7 करोड़ की जनसंख्या वाले राज्य के लिए उत्तर है — लगभग 9 बार।