प्र1.
ऊपर दिए गए उदाहरणों का अध्ययन करने के पश्चात लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य सिद्धांतों को सूचीबद्ध करें। अपनी समझ के आधार पर नीचे दी गई गतिविधि कीजिए —
उत्तर
छह सिद्धांत, जो पृष्ठ 191–192 पर दिए गए हैं, और दो जो तालिका 9.1 से जुड़ते हैं।
| मुख्य सिद्धांत | इसका अर्थ | भारत में यह कैसे दिखता है |
|---|---|---|
| समानता | प्रत्येक व्यक्ति को समान व्यवहार पाने का अधिकार; शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएँ समान रूप से; सभी कानून के समक्ष समान | समता का अधिकार; हर नागरिक के लिए एक ही कानून |
| स्वतंत्रता | नागरिकों को स्वयं चयन करने और अपना मत अभिव्यक्त करने का अधिकार | अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता |
| प्रतिनिधि सहभागिता | प्रत्येक नागरिक को चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार; चुने गए प्रतिनिधि विधायिका का भाग बनते हैं | लोक सभा, राज्य सभा, विधान सभाएँ, पंचायतें |
| सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार | निर्धारित आयु से ऊपर के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार | 18 वर्ष पर मताधिकार, गणराज्य के आरंभ 1950 से ही |
| मौलिक अधिकार | समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शोषण के विरुद्ध अधिकार जैसे अधिकार प्रदान और संरक्षित किए जाते हैं | संविधान का भाग III |
| स्वतंत्र न्यायपालिका | यह सुनिश्चित करती है कि मौलिक अधिकारों की रक्षा हो और कानूनों का पालन नागरिक तथा सरकार के सभी अंग करें | उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय |
| उत्तरदायित्व | सरकार अपने चुनने वाली जनता के प्रति जवाबदेह होती है | नियमित और निश्चित अंतराल पर चुनाव — प्रत्येक पाँच वर्ष |
| शक्तियों का पृथक्करण | विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं और एक-दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करते | तालिका 9.1 का अंतिम स्तंभ |
स्वयं जाँचिए: अध्याय इन्हें आदर्श कहता है — ‘सभी लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ इन आदर्शों को पूर्णतः व्यवहार में नहीं उतार पातीं।’ स्विट्जरलैंड पुराना लोकतंत्र है, फिर भी वहाँ महिलाओं को मताधिकार 1971 में मिला; ब्रिटेन में प्रभावी सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार 1928 में और अमेरिका में 1965 में लागू हो सका। भारत में यह 1950 से ही है, गणराज्य के आरंभ से।