अन्वेषण अध्याय 9 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पिछले पृष्ठ पर दी गई तालिका 9.1 में देश ‘क’ और देश ‘ख’ के रूप में अपनी पसंद के दो अलग-अलग देशों का चयन कर रिक्त तालिका भरें।
उत्तर

ऐसे दो देश चुनिए जो तालिका में पहले से हों, ताकि तुलना से कुछ नया सीखने को मिले। यहाँ देश ‘क' है ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) और देश ‘ख' है फ्रांस। वही तीन स्तंभ भरने हैं — कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका।

देशकार्यपालिकाविधायिकान्यायपालिका
क — ब्रिटेनप्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल (राजा राष्ट्राध्यक्ष हैं, पर उनके पास केवल औपचारिक शक्ति है)निम्न सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) उच्च सदन (हाउस ऑफ लॉर्ड्स) से अधिक शक्तिशाली है।कार्यपालिका एवं विधायिका से स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण)
ख — फ्रांसजनता द्वारा सीधे निर्वाचित राष्ट्राध्यक्ष, साथ में प्रधानमंत्रीनिम्न सदन (नेशनल असेंबली) उच्च सदन (सीनेट) से अधिक शक्तिशाली है।कार्यपालिका एवं विधायिका से स्वतंत्र (शक्तियों का पृथक्करण)

आप जो भी देश चुनें, उसे इन तीन प्रश्नों से जाँचिए —

  1. कार्यपालिका का प्रमुख कौन है और उसे कौन चुनता है? यदि जनता सीधे प्रमुख को चुनती है तो व्यवस्था अध्यक्षीय की ओर झुकती है; यदि विधायिका का बहुमत तय करता है तो वह संसदीय है।
  2. विधायिका में कितने सदन हैं और कौन अधिक शक्तिशाली है? एक सदन, दो समान सदन, या अधिक शक्तिशाली निम्न सदन।
  3. क्या न्यायपालिका शेष दोनों से अलग है? तालिका 9.1 के हर लोकतंत्र में उत्तर ‘हाँ' है।
ध्यान दें: हिंदी संस्करण में तालिका 9.1 के पहले स्तंभ का शीर्षक देश है, जो सही है। अंग्रेजी संस्करण में इसी स्तंभ का शीर्षक ‘Institution' (संस्था) छपा है, जबकि उसमें भी देशों के ही नाम हैं — उसे ‘देश' ही पढ़ा जाना चाहिए।
प्र2.
तालिका का विश्लेषण करें और इसके उदाहरणों में सभी समानताओं और भिन्नताओं पर आपस में चर्चा करें।
उत्तर

तालिका 9.1 को पंक्तियों के आर-पार नहीं, बल्कि स्तंभों में नीचे की ओर पढ़िए — पैटर्न वहीं दिखता है।

समानताएँ — हर पंक्ति में एक जैसी

  • छहों लोकतंत्र हैं — सत्ता का स्रोत जनता है और वही सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से विधायिका चुनती है।
  • छहों में वही तीन अंग हैं — कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका।
  • छहों में न्यायपालिका स्वतंत्र है। शक्तियों के पृथक्करण वाला स्तंभ ही एकमात्र ऐसा है जिसमें कोई भिन्नता नहीं।

भिन्नताएँ — जहाँ पंक्तियाँ अलग होती हैं

भिन्नता का बिंदुक्या बदलता हैदेश
कार्यपालिका का प्रमुखप्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषदभारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन
राष्ट्राध्यक्षसंयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण कोरिया, फ्रांस
सदनों की संख्यादो सदनभारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस
एकल सदन (राष्ट्रीय सभा)दक्षिण कोरिया
सदनों में शक्ति-संतुलननिम्न सदन अधिक शक्तिशालीभारत, ब्रिटेन, फ्रांस
उच्च सदन अधिक शक्तिशालीसंयुक्त राज्य अमेरिका (सीनेट)
दोनों सदन समान रूप से शक्तिशालीऑस्ट्रेलिया
विश्लेषण क्या सिद्ध करता है: ‘लोकतंत्र' कोई एक निश्चित मशीन नहीं है। किसी लोकतंत्र की बनावट उस देश के अपने इतिहास, संस्कृति और आकांक्षाओं पर निर्भर करती है — यही बात पृष्ठ 190 कहता है। किंतु मूल तत्व — जनता का चयन और स्वतंत्र न्यायपालिका — नहीं बदलते।

चर्चा के लिए: ध्यान दीजिए कि भारत और अमेरिका दोनों बड़े संघीय लोकतंत्र हैं, फिर भी भारत की कार्यपालिका विधायिका के भीतर बैठती है और अमेरिका की उसके बाहर। आपस में पूछिए कि किस व्यवस्था में सरकार को हटाना आसान है — और आपको संसदीय तथा अध्यक्षीय प्रणाली का वास्तविक अंतर मिल जाएगा।

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