अन्वेषण अध्याय 9 आगे बढ़ने से पहले...

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
सरकार किसी भी देश के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समूचे विश्व में विभिन्न प्रकार की सरकारें इन प्रश्नों के अलग-अलग उत्तर देती हैं— ‘यह सरकार है’ — इसे कौन निर्धारित करता है? सरकार के कौन-कौन से अंग होते हैं और वे क्या कार्य करते हैं? सरकार किसके लिए कार्य करती है? सरकार को किन मूल्यों और आदर्शों का पालन करना चाहिए?
उत्तर

ये चार प्रश्न अध्याय का मापदंड हैं। किसी भी सरकार को इन पर कसिए और उसका परिचय बन जाएगा।

प्रश्नलोकतंत्रराजतंत्रधर्मतंत्रअधिनायकतंत्रअल्पतंत्र
‘यह सरकार है' — कौन तय करता है?देश की जनताजन्म; कभी-कभी दिव्य शक्ति का दावाधार्मिक विश्वास और धार्मिक संस्था का मुखियावह व्यक्ति या समूह जिसके पास सत्ता हैकुछ धनी या प्रभावशाली परिवार
गठन कैसे होता है?निश्चित अंतराल पर चुनाववंशानुगत उत्तराधिकारधर्मगुरुओं द्वारा चयन (ईरान में निर्वाचित राष्ट्रपति और संसद भी)सत्ता पर अधिकार; विपक्ष समाप्तप्रभाव के बल पर, औपचारिक प्रक्रिया चाहे जो हो
अंग और उनके कार्यविधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका — पृथक और स्वतंत्रनिरंकुश राजतंत्र में तीनों राजा के पास; संवैधानिक में संसद और प्रधानमंत्री के पासतीनों अंगों के ऊपर एक सर्वोच्च धार्मिक अधिकारव्यवहार में तीनों एक व्यक्ति या समूह के नियंत्रण मेंऔपचारिक अंग रहते हैं; वास्तविक निर्णय बाहर होते हैं
किसके लिए कार्य?समता और सभी नागरिकों की समृद्धिआदर्शतः सबका कल्याण (राजधर्म); व्यवहार में शासक पर निर्भरआधिकारिक धर्म के नियमों पर आधारित समाजशासक के अपने उद्देश्यउस छोटे समूह के हित

चौथा प्रश्न — सरकार को किन मूल्यों और आदर्शों का पालन करना चाहिए? — का उत्तर अध्याय स्वयं देता है: समानता, स्वतंत्रता, सहभागिता, अधिकार और सभी नागरिकों का कल्याण।

प्र2.
वर्तमान में सबसे लोकप्रिय शासन प्रणाली लोकतंत्र है। विश्व भर में लोकतांत्रिक सरकारों के विभिन्न स्वरूप विद्यमान हैं, जिनमें प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र सम्मिलित हैं।
उत्तर

विश्व के आधे से अधिक देशों ने लोकतंत्र अपनाया है — पर ‘लोकतंत्र' एक परिवार का नाम है, किसी एक बनावट का नहीं।

प्रत्यक्ष लोकतंत्रप्रतिनिधि लोकतंत्र
निर्णय कौन लेता हैसभी नागरिक स्वयं, प्रत्येक नियम और कार्य परनागरिकों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि
दैनिक शासन कौन चलाता हैनागरिक स्वयंनिर्वाचित सरकार, जो जनता के प्रति उत्तरदायी रहती है
व्यावहारिक सीमालागू करना बहुत कठिन, विशेषकर बड़े देशों में — विद्यालय की कहानी यही दिखाती हैकिसी भी आकार के देश में संभव; ईमानदार बने रहने के लिए नियमित और निश्चित अंतराल पर चुनाव आवश्यक
उदाहरणस्विट्जरलैंड की कुछ व्यवस्थाएँभारत तथा आज के अधिकांश लोकतंत्र
ये भिन्नताएँ क्यों हैं: सरकार देश के अपने इतिहास, संस्कृति और आकांक्षाओं के साथ विकसित होती है। जो सबमें समान रहता है वह है मूल तत्व — समानता, स्वतंत्रता और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार।
प्र3.
प्रतिनिधि लोकतंत्र के भी दो प्रमुख प्रकार होते हैं— अध्यक्षीय प्रणाली और संसदीय प्रणाली। भारत में संसदीय लोकतंत्र है।
उत्तर

अंतर केवल एक बात का है — कार्यपालिका विधायिका के भीतर बैठती है या बाहर।

संसदीय लोकतंत्रअध्यक्षीय शासन प्रणाली
कार्यपालिका का प्रमुखप्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषदराष्ट्राध्यक्ष
कौन चुनता हैजनता विधायिका चुनती है; विधायिका के कुछ चयनित सदस्य ही मंत्री बनते हैंजनता सीधे राष्ट्राध्यक्ष को चुनती है
क्या कार्यपालिका विधायिका का भाग है?हाँ — भारत में प्रधानमंत्री और मंत्री संसद के सदस्य भी होते हैंनहीं — कार्यपालिका विधायिका से स्वतंत्र कार्य करती है
पद पर बने रहनातभी तक, जब तक विधायिका का विश्वास प्राप्त हो (भारत में लोक सभा का)राष्ट्राध्यक्ष को पद बनाए रखने के लिए विधायिका के समर्थन की आवश्यकता नहीं
देशभारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेनसंयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण कोरिया

भारत संसदीय लोकतंत्र है — हम अपने सांसद को चुनते हैं, लोक सभा में बहुमत रखने वाला दल या गठबंधन सरकार बनाता है, और मंत्रिपरिषद तभी तक पद पर रहती है जब तक उसे उस बहुमत का विश्वास प्राप्त है।

क्या आप जानते हैं? भारत के राज्यों — राजस्थान, केरल आदि — की अपनी सरकारें होती हैं, किंतु वे पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हैं; वे एक बड़ी राष्ट्रीय सरकार, भारत सरकार, के अंतर्गत ही आती हैं।
प्र4.
अन्य प्रकार की शासन व्यवस्थाओं में राजतंत्र, धर्मतंत्र, अधिनायकतंत्र और अल्पतंत्र सम्मिलित हैं।
उत्तर

चार अन्य स्वरूप, और हर एक ‘निर्णय कौन लेता है' का उत्तर अलग ढंग से देता है।

स्वरूपमूल विशेषताउपप्रकार / अध्याय के उदाहरण
राजतंत्रशासन राजा द्वारा, जो संप्रभु शक्ति का प्रयोग करता है; सामान्यतः वंशानुगत, प्रायः ज्येष्ठ पुत्र उत्तराधिकारीनिरंकुश — सऊदी अरब (राजा सलाहकार परिषद नियुक्त करता है पर उसकी सलाह मानने को बाध्य नहीं)। संवैधानिक — ब्रिटेन, जहाँ राजा के पास केवल औपचारिक शक्ति है और कानून निर्वाचित संसद बनाती है
धर्मतंत्रदेश का शासन धार्मिक नियमों और धार्मिक नेताओं के निर्देशों के अनुसारईरान — इस्लामी धर्मगुरुओं के समूह द्वारा जीवनपर्यंत के लिए चुना गया सर्वोच्च नेता विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका तीनों पर सर्वोच्च अधिकार रखता है, जबकि निर्वाचित राष्ट्रपति और संसद दैनिक प्रशासन देखते हैं। साथ ही अफगानिस्तान और वेटिकन सिटी
अधिनायकतंत्रएक व्यक्ति या छोटे समूह के पास संपूर्ण सत्ता, जिस पर संविधान या कानून का कोई नियंत्रण नहीं1933 से जर्मनी में एडोल्फ हिटलर — होलोकॉस्ट के लिए उत्तरदायी और द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945) का प्रमुख कारण; युगांडा में ईदी अमीन, जिनके समय अनेक भारतीय मूल के परिवारों को देश छोड़ना पड़ा
अल्पतंत्रकुछ शक्तिशाली लोग या परिवार सारे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैंप्राचीन ग्रीस के कुछ भागों में कुलीन परिवार; आधुनिक लोकतंत्रों के लिए चेतावनी के रूप में 1889 का व्यंग्य-चित्र (चित्र 9.13)
ध्यान दें: हिंदी संस्करण में क्रम है — 1. राजतंत्र, वर्तमान राजतंत्र (बिना क्रमांक), 2. धर्मतंत्र, 3. अधिनायकतंत्र, 4. अल्पतंत्र। अंग्रेजी संस्करण में ‘Monarchies today' को भूल से ‘2' क्रमांक दे दिया गया है, जिससे 2 दो बार आ गया है। सही पाठ हिंदी वाला है — अन्य स्वरूप चार हैं, पाँच नहीं।
प्र5.
लोकतंत्र महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके समक्ष गंभीर चुनौतियाँ भी हैं, जिनके लिए नागरिकों को सजग और सतर्क रहना आवश्यक है।
उत्तर

इस वाक्य के दोनों भाग साथ-साथ पढ़े जाने चाहिए।

लोकतंत्र क्यों महत्वपूर्ण है

  • लोग अपना दैनिक जीवन अपने ढंग से जी सकते हैं — क्या बोलना है, क्या पहनना है, किस विश्वास को मानना है, अभिव्यक्ति कैसे करनी है — जब तक कि यह अन्य किसी के अधिकार को क्षति न पहुँचाए
  • लोग अपनी सरकार चुनते हैं; सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे और उनकी मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी करे।
  • यदि सरकार दायित्व नहीं निभाती तो लोग चुनावों से अपने प्रतिनिधि बदल सकते हैं — इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर निरंतर निगरानी बनी रहती है।

अध्याय में गिनाई गई चुनौतियाँ

  • भ्रष्टाचार
  • आर्थिक विषमता
  • लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कुछ लोगों का अत्यधिक नियंत्रण
  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता का क्षरण
  • सूचना माध्यमों का दुरुपयोग
सजगता नागरिक का काम क्यों है: लोकतंत्र के आदर्श स्वयं अपनी रक्षा नहीं करते। समानता, स्वतंत्रता और मताधिकार धीरे-धीरे अर्जित और विस्तारित हुए — ब्रिटेन में प्रभावी सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार 1928 में और अमेरिका में 1965 में आया, तथा स्विट्जरलैंड ने महिलाओं को मताधिकार 1971 में दिया। जो धीरे-धीरे पाया गया, वह धीरे-धीरे खोया भी जा सकता है — इसीलिए अध्याय अंत में यही पूछता है कि सजग रहने के लिए हम क्या कर सकते हैं।
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