ये चार प्रश्न अध्याय का मापदंड हैं। किसी भी सरकार को इन पर कसिए और उसका परिचय बन जाएगा।
| प्रश्न | लोकतंत्र | राजतंत्र | धर्मतंत्र | अधिनायकतंत्र | अल्पतंत्र |
|---|---|---|---|---|---|
| ‘यह सरकार है' — कौन तय करता है? | देश की जनता | जन्म; कभी-कभी दिव्य शक्ति का दावा | धार्मिक विश्वास और धार्मिक संस्था का मुखिया | वह व्यक्ति या समूह जिसके पास सत्ता है | कुछ धनी या प्रभावशाली परिवार |
| गठन कैसे होता है? | निश्चित अंतराल पर चुनाव | वंशानुगत उत्तराधिकार | धर्मगुरुओं द्वारा चयन (ईरान में निर्वाचित राष्ट्रपति और संसद भी) | सत्ता पर अधिकार; विपक्ष समाप्त | प्रभाव के बल पर, औपचारिक प्रक्रिया चाहे जो हो |
| अंग और उनके कार्य | विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका — पृथक और स्वतंत्र | निरंकुश राजतंत्र में तीनों राजा के पास; संवैधानिक में संसद और प्रधानमंत्री के पास | तीनों अंगों के ऊपर एक सर्वोच्च धार्मिक अधिकार | व्यवहार में तीनों एक व्यक्ति या समूह के नियंत्रण में | औपचारिक अंग रहते हैं; वास्तविक निर्णय बाहर होते हैं |
| किसके लिए कार्य? | समता और सभी नागरिकों की समृद्धि | आदर्शतः सबका कल्याण (राजधर्म); व्यवहार में शासक पर निर्भर | आधिकारिक धर्म के नियमों पर आधारित समाज | शासक के अपने उद्देश्य | उस छोटे समूह के हित |
चौथा प्रश्न — सरकार को किन मूल्यों और आदर्शों का पालन करना चाहिए? — का उत्तर अध्याय स्वयं देता है: समानता, स्वतंत्रता, सहभागिता, अधिकार और सभी नागरिकों का कल्याण।