| सत्ता का स्रोत | देश की जनता | जन्म और उत्तराधिकार; कभी-कभी दिव्य शक्ति का दावा | एक व्यक्ति या छोटे समूह द्वारा अर्जित और बनाए रखी गई सत्ता |
| सरकार का गठन | सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित, नियमित और निश्चित अंतराल पर चुनाव | वंशानुगत उत्तराधिकार — प्रायः राजा का ज्येष्ठ पुत्र | सत्ता पर अधिकार; विपक्ष को समाप्त करने वाले कानून, जैसे हिटलर ने 1933 में बनाए |
| शासक पर नियंत्रण | लिखित संविधान, विधायिका और स्वतंत्र न्यायपालिका | निरंकुश राजतंत्र में कानूनी रूप से कोई नहीं (यद्यपि भारत में राजधर्म नैतिक सीमा था); संवैधानिक राजतंत्र में संसद और संविधान | कोई नहीं — संविधान या कानून का कोई नियंत्रण नहीं |
| तीनों कार्य | विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका पृथक और स्वतंत्र | तीनों राजा के पास हो सकते हैं — वह कानून बनाता, लागू कराता और दंड भी तय करता है | व्यवहार में तीनों शासक के नियंत्रण में |
| नागरिकों के अधिकार | मौलिक अधिकार, कानून के समक्ष समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता — न्यायालय द्वारा संरक्षित | प्रजा प्रार्थना कर सकती है; क्या मिलेगा, यह शासक पर निर्भर | अत्यंत सीमित — जैसे शेन की कहानी में बाल और कपड़े तक सरकार तय करती है |
| सरकार बदलना | शांतिपूर्वक, अगले चुनाव में मतदान से | केवल शासक की मृत्यु या पदत्याग पर | प्रायः भीतर से संभव ही नहीं |
| उत्तरदायित्व | सरकार जनता के प्रति जवाबदेह | शासक परंपरा, धर्म और अपने विवेक के प्रति | शासक किसी के प्रति नहीं |