नहीं। कहानी को पृष्ठ 191–192 पर दिए लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों की कसौटी पर कसिए — वह हर कसौटी पर विफल होती है।
| लोकतंत्र का सिद्धांत | कहानी क्या दिखाती है | उपस्थित? |
|---|---|---|
| स्वयं चयन करने की स्वतंत्रता | सरकार तय करती है कि उसके बाल कैसे कटें और वह कैसे कपड़े पहने | नहीं |
| अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना तक पहुँच | वह इंटरनेट का प्रयोग नहीं कर सकता और बाहर की दुनिया से अनजान है | नहीं |
| राज्य के विरुद्ध संरक्षित अधिकार | उसे तब तक सेना में रहना है जब तक सरकार चाहे | नहीं |
| सरकार का जनता के प्रति उत्तरदायित्व | सरकार उसकी हर गतिविधि पर नजर रखती है; उसे दूसरों की जानकारी देनी होती है | नहीं — निगरानी केवल एक ओर से है |
| प्रतिनिधि सहभागिता, चुनाव | कहानी में इनका कोई उल्लेख नहीं — न मत, न प्रतिनिधि, न कुछ बदलने का उपाय | नहीं |
पर्यटक को दिया गया उसका अपना उत्तर ही सब बता देता है — ‘हम सभी नए तरीकों से बाल बनाना चाहते हैं, लेकिन यह सरकार निर्धारित करती है, हमें किस प्रकार से बाल रखने चाहिए।' इच्छा जनता की है, शक्ति सरकार की। लोकतंत्र में यह वाक्य अर्थहीन होता।