अन्वेषण अध्याय 10 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आप पता कर सकते हैं कि पिछले दस वर्षों में संविधान में कौन-कौन से संशोधन किए गए हैं?
उत्तर

कैसे पता करें: संशोधन क्रम से गिने जाते हैं और हर एक ‘संविधान (…संशोधन) अधिनियम’ के नाम से उसके वर्ष के साथ जाना जाता है। पुस्तकालय की किसी नई नागरिक-शास्त्र संदर्भ पुस्तक में, या विधि मंत्रालय के विधायी विभाग तथा संसद की वेबसाइटों पर सूची देखिए; फिर प्रत्येक के लिए क्रमांक, वर्ष और एक पंक्ति में क्या बदला — यह लिखिए।

अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए: पिछले दस वर्षों के कम से कम तीन-चार संशोधन, प्रत्येक के साथ क्रमांक, वर्ष, प्रभावित भाग या अनुच्छेद, परिवर्तन की एक पंक्ति और स्रोत। ऐसी कोई सूची मत उतारिए जिसे आप जाँच न सकें — संशोधन अभिलेख का विषय है, इसलिए हर प्रविष्टि प्रमाणित होनी चाहिए।

नमूना उत्तर (यही प्रारूप रखिए और जाँची हुई प्रविष्टियाँ भरिए) —

संशोधनवर्षक्या बदलाप्रयुक्त स्रोत
…वाँ संशोधन अधिनियमअनुच्छेद … जोड़ा/बदला, जिससे …विधायी विभाग की वेबसाइट
…वाँ संशोधन अधिनियम… की अवधि बढ़ाई गईविद्यालय पुस्तकालय की संदर्भ पुस्तक
…वाँ संशोधन अधिनियमभाग … में नया खंड जोड़ा गयासंसद की वेबसाइट

अध्याय आपको दो पुराने उदाहरण देता है, जिन्हें आदर्श मानकर चलिए। दोनों इसी बॉक्स में हैं —

  • घर पर राष्ट्रीय ध्वज। एक समय था जब नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं थी। 2004 में एक नागरिक ने इसे न्यायालय में चुनौती दी और उच्चतम न्यायालय ने माना कि तिरंगा फहराना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भाग है। अब हम गर्व के साथ तिरंगा फहरा सकते हैं, बशर्ते उसका अपमान न हो।
  • पंचायती राज। कक्षा 6 में पढ़ी यह व्यवस्था संविधान का मूल भाग नहीं थी; इसे 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया।
ऐसा क्यों: इन दोनों उदाहरणों में परिवर्तन के मार्ग अलग-अलग हैं — एक संसद से आया, दूसरा नागरिक की न्यायालय-याचिका से। दोनों ही तरीके संविधान को देश के साथ चलने योग्य बनाए रखते हैं। व्यवहार में ‘जीवंत प्रलेख’ का यही अर्थ है।
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