अन्वेषण अध्याय 10 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
छोटे-छोटे समूहों में मिलकर यह पता लगाने का प्रयास कीजिए कि आपके क्षेत्र से कौन-कौन से व्यक्ति भारतीय संविधान निर्माण में सम्मिलित हुए थे।
उत्तर

कैसे करें: संविधान सभा के 299 सदस्य प्रांतीय विधायिकाओं द्वारा चुने गए थे, इसलिए हर प्रांत और रियासत-क्षेत्र से सदस्य आए। अपने वर्तमान राज्य से आरंभ कीजिए और यह ध्यान रखिए कि 1946 में उस क्षेत्र का नाम और सीमा भिन्न रही होगी — बंबई प्रेसीडेंसी, मद्रास प्रेसीडेंसी, मध्य प्रांत, बिहार, संयुक्त प्रांत, असम, पंजाब आदि।

अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए —

  • आपके क्षेत्र से जुड़े दो-तीन सदस्यों के नाम;
  • प्रत्येक ने किस प्रांत या निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया;
  • प्रत्येक के योगदान पर एक वाक्य — कोई समिति, कोई बहस, या स्वतंत्रता आंदोलन में उनका कार्य;
  • हर तथ्य के लिए स्रोत

नमूना उत्तर: “हमारा विद्यालय बिहार में है। बिहार प्रांत से डॉ. राजेंद्र प्रसाद सदस्य थे — वे संविधान सभा के अध्यक्ष चुने गए और बाद में भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने। बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन के नेता श्री कृष्ण सिंह और अनुग्रह नारायण सिंह भी सभा के सदस्य थे। यह जानकारी हमें विद्यालय के पुस्तकालय की एक पुस्तक से मिली और हमने इसे संसद की वेबसाइट के संविधान सभा वाले पृष्ठों पर जाँचा।”

सुझाव: अपनी खोज एक छोटी तालिका में प्रस्तुत कीजिए — नाम · प्रतिनिधित्व · एक योगदान · स्रोत। इससे कक्षा में तुलना सरल हो जाती है और यह आदत बनती है कि हर तथ्य के साथ उसका स्रोत भी लिखा जाए।
प्र2.
इसके लिए आप कौन-से स्रोतों का उपयोग कर सकते हैं? (संकेत— अपने विद्यालय या स्थानीय पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकें ढूँढ़ें। आप अपने शिक्षक, माता-पिता और पड़ोस के वृद्धों से भी पूछ सकते हैं। साथ ही, (https://sansad.in/ls/about/constituent-assembly) पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।)
उत्तर

कई प्रकार के स्रोत काम में लीजिए और उन्हें एक-दूसरे से मिलाकर जाँचिए।

स्रोत का प्रकारउदाहरणकिसमें उपयोगी
पुस्तकेंविद्यालय और स्थानीय पुस्तकालय की, स्वतंत्रता आंदोलन तथा संविधान निर्माण पर लिखी पुस्तकें; जिला गजेटियरविश्वसनीय तिथियाँ, पूरे नाम, पृष्ठभूमि
सरकारी अभिलेखसंसद (Sansad) की वेबसाइट के संविधान सभा वाले पृष्ठ, जिन पर सदस्यों की सूची और पूरी बहसें उपलब्ध हैंसदस्यों की सर्वाधिक प्रामाणिक सूची
लोगआपके शिक्षक, माता-पिता, दादा-दादी, पड़ोस के वृद्धजन, स्थानीय इतिहासकार या पुस्तकालयाध्यक्षस्थानीय स्मृति और ऐसे सूत्र जो पुस्तकों में नहीं मिलते
स्थानप्रतिमाएँ, स्मृति-पट्टिकाएँ, सड़कों के नाम, संग्रहालय, स्थानीय अभिलेखागारयह पुष्टि करना कि व्यक्ति वास्तव में आपके क्षेत्र का था
समाचार-पत्रों का संग्रहजिला पुस्तकालय में रखे पुराने अंकउस समय लोगों ने उस सदस्य के बारे में क्या कहा
मिलान क्यों: मौखिक स्मृति अत्यंत मूल्यवान है, पर तिथियों और वर्तनी में चूक सकती है; वहीं लिखित सूची किसी व्यक्ति का स्थानीय संबंध छोड़ सकती है। दोनों का उपयोग करना और हर तथ्य के साथ स्रोत लिखना — ठीक यही इतिहासकार की पद्धति है, जो आपने इस पुस्तक में प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों के साथ सीखी है।
ध्यान दें: संकेत में दिया गया पता है — https://sansad.in/ls/about/constituent-assembly
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