अन्वेषण अध्याय 12 आइए विचार करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आपके और आपके पड़ोस में अगली गली के बच्चों की टोली के मध्य कंचे खेलने की प्रतियोगिता है। आप प्रतियोगिता के लिए नए कंचे खरीदना चाहते हैं। आपने ₹150 बचा रखे हैं। आप कंचे खरीदने हेतु दुकान जाते हैं। आप कंचों में कौन-से गुणों को देखेंगे ताकि आप प्रतियोगिता जीत सकें?
उत्तर

यहाँ एक साथ दो निर्णय लेने हैं — कौन-से कंचे अच्छे हैं, और ₹150 में कितने आएँगे

किन गुणों को देखें

गुणजीतने में कैसे सहायकदुकान में कैसे जाँचें
मजबूतीपहली ही टक्कर में चटकने वाला कंचा पूरी प्रतियोगिता के लिए बेकार हैकाँच के भीतर दरार या हवा के बुलबुले देखिए; दो कंचे टकराकर साफ खनक सुनिए
आकारखेल के अनुसार होना चाहिए — भारी कंचा जोर से मारता है, छोटा कंचा निशाना साधने में आसानअँगूठे और उँगली के बीच पकड़िए; चोट मारने में सहज लगना चाहिए
गोलाई और चिकनी सतहपूरी तरह गोल कंचा सीधा लुढ़कता है; चपटा हिस्सा होने पर वह मुड़ जाता है और निशाना बिगड़ता हैदुकान के काउंटर पर लुढ़काकर उसकी सीध देखिए
भारभारी कंचे दूसरों को घेरे से दूर धकेलते हैंदो कंचे हथेली पर तौलकर तुलना कीजिए
एकरूपतासभी कंचे एक जैसा व्यवहार करें तो अभ्यास से निशाना सचमुच सुधरता हैदेखिए कि पैकेट के सभी कंचे एक ही नाप के हैं
आकर्षक रंगधूल में अपने कंचे पहचानने में आसानी — और खेल का आधा आनंद यही हैपैकेट देखिए
मूल्यबजट ₹150 पर नियत हैपैकेट का नहीं, प्रति कंचा मूल्य जोड़िए

₹150 का सही उपयोग

पैकेट क: 10 कंचे ₹50 में → ₹50 ÷ 10 = ₹5 प्रति कंचा → ₹150 में 30 कंचे
पैकेट ख: 20 कंचे ₹75 में → ₹75 ÷ 20 = ₹3.75 प्रति कंचा → ₹150 में 40 कंचे
परंतु यदि पैकेट ख के आधे कंचे पहले ही दौर में चटक जाएँ तो केवल 20 बचेंगे —
पैकेट क के 30 अच्छे कंचों से भी कम।
सस्ता कंचा तभी अच्छा सौदा है जब वह टिके भी।
ऐसा क्यों होता है: अध्याय यही सिखा रहा है — “हर उपभोक्ता जो वस्तु खरीद रहा है, उसे उस वस्तु की गुणवत्ता को परखने की आवश्यकता होती है” — और गुणवत्ता सदा उद्देश्य के सामने आँकी जाती है। सजावट के लिए आप सबसे सुंदर कंचे लेंगे; प्रतियोगिता के लिए सबसे मजबूत और गोल। वही दुकान, वही ₹150, पर निर्णय अलग।
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