प्र1.
मान लीजिए कि आपके माता-पिता आपको पास की एक किराने की दुकान से एक किलो बेसन लाने को कहते हैं। दुकान में विभिन्न प्रकार के बेसन के पैकेट उपलब्ध हैं, जैसे कि एक नीचे भी दर्शाया गया है। इसे ध्यानपूर्वक देखें। आप ये कैसे सुनिश्चित करेंगे कि बेसन की गुणवत्ता उपयुक्त मानकों पर सही है?
उत्तर
पैकेट पलटकर उसका पिछला भाग पढ़िए। चित्र 12.29 में वहाँ अंकित दस बातें दर्शाई गई हैं, और हर एक अलग प्रश्न का उत्तर देती है।
| लेबल पर | यह क्या बताता है | क्या जाँचें |
|---|---|---|
| एफ.एस.एस.ए.आई. चिह्न और लाइसेंस संख्या | खाद्य पदार्थ की जाँच सरकार द्वारा की गई है और वह उपयोग के लिए सुरक्षित है | सबसे महत्वपूर्ण जाँच। यदि चिह्न और लाइसेंस संख्या नहीं है तो पैकेट मत लीजिए |
| शुद्ध मात्रा | पैकेट के भीतर वास्तव में कितना बेसन है, पैकेट का भार छोड़कर | माता-पिता ने 1 किलो कहा था — यही संख्या पढ़िए, थैले के आकार से अनुमान मत लगाइए |
| निर्माण तिथि | कब पैक हुआ | हाल की तिथि बेहतर; बेसन पुराना होने पर बासी हो जाता है |
| उपभोग की समाप्ति तिथि | कब तक ठीक रहेगा | पर्याप्त आगे की होनी चाहिए — समाप्त तिथि वाला पैकेट कभी न लें |
| अधिकतम खुदरा मूल्य | दुकानदार अधिक से अधिक इतना ही ले सकता है, सभी करों सहित | एक रुपया भी अधिक न दें; प्रति किलो मूल्य की तुलना दूसरे ब्रांड से कीजिए |
| सामग्री सूची | पैकेट में वास्तव में क्या है | शुद्ध बेसन में केवल चना दाल होनी चाहिए — सस्ती मिलावट से सावधान |
| पोषण तथ्य सूची | प्रति 100 ग्राम ऊर्जा, प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट | दो ब्रांडों की ईमानदार तुलना के लिए उपयोगी |
| एलर्जी घोषणा | घर में जिसे किसी वस्तु से एलर्जी हो, उसके लिए चेतावनी | यदि किसी को खाद्य एलर्जी है तो अवश्य पढ़िए |
| बैच नंबर | यह विशेष खेप कौन-सी है | शिकायत करनी हो या पैकेट लौटाना हो तो यही काम आता है |
| विनिर्माता का नाम और पता | इसके लिए उत्तरदायी कौन है | वास्तविक और पूरा पता होने का अर्थ है कि कंपनी तक पहुँचा जा सकता है |
फिर पैकेट को स्वयं देखिए: वह ठीक से सीलबंद हो और कहीं से फटा न हो; भीतर कीड़े, गुठलियाँ या नमी के धब्बे न हों; और रंग एक समान हलका पीला हो।
स्वयं जाँचिए: चित्र 12.29 में दर्शाए गए पैकेट को ध्यान से देखिए — उस पर शुद्ध मात्रा 2 किग्रा लिखी है, 1 किलो नहीं। अर्थात् यही पैकेट वह नहीं है जो आपके माता-पिता ने मँगाया था। इस अभ्यास का उद्देश्य ठीक यही है — आप क्या खरीद रहे हैं, यह थैले की सूरत नहीं, लेबल बताता है।
ऐसा क्यों होता है: आप दुकान में पैकेट खोलकर बेसन चख नहीं सकते, न उसे प्रयोगशाला भेज सकते हैं। खरीदते समय आपके पास केवल छपा हुआ लेबल और सरकारी चिह्न ही प्रमाण होते हैं — इसीलिए कानून इन्हें अनिवार्य बनाता है।