प्र1.
क्या आपके परिवार के सदस्यों ने कुछ ऐसे उत्पाद खरीदे होंगे, जो उन्हें उनके साथियों या संबंधियों ने सुझाएँ होंगे?
उत्तर
लगभग हर परिवार ने खरीदे होंगे — और गुणवत्ता परखने का यह तरीका किसी भी प्रमाणन चिह्न से पुराना है।
सामान्य उदाहरण: वह दर्जी जिसे किसी चचेरे भाई ने सुझाया; वह सीमेंट जो चाचा ने अपने घर में लगवाया था; वह बस्ता जो पड़ोसी के बच्चे के तीन वर्ष चला; वह चिकित्सक जिस पर किसी सहकर्मी ने भरोसा किया; वह ट्यूशन शिक्षक जिसका नाम बड़ी बहन की सहेली ने बताया; वह साइकिल जिसकी तारीफ सहपाठी का परिवार करता है।
ऐसा क्यों होता है: अध्याय इसे उत्पाद की प्रसिद्धि कहता है, जो “निजी संवाद द्वारा संभव होती है”। संबंधी को आपको गुमराह करने की कोई आवश्यकता नहीं और उसने महीनों तक वह वस्तु स्वयं इस्तेमाल की है — इसलिए उसकी राय में वह जानकारी होती है जो कोई विज्ञापन नहीं दे सकता। यह मुफ्त है, भरोसेमंद है, और उस व्यक्ति से आती है जिससे आप और सवाल पूछ सकते हैं।
इसका आधुनिक रूप। ऑनलाइन खरीदते समय आपके पास कोई मित्र खड़ा नहीं होता, इसलिए मंच हजारों अनजान लोगों की राय सामने रख देता है — “वस्तुओं और सेवाओं की अन्य उपभोक्ताओं द्वारा की गई ऑनलाइन समीक्षा एवं प्रतिक्रिया भी हमें ऑनलाइन क्रय करते समय निर्णय लेने में सहायता करती है।”
| निजी संवाद | ऑनलाइन समीक्षा | |
|---|---|---|
| कौन बताता है | कुछ जाने-पहचाने और भरोसेमंद लोग | हजारों अनजान लोग |
| शक्ति | आगे प्रश्न पूछ सकते हैं और उनके घर जाकर वस्तु देख सकते हैं | बहुत बड़ी संख्या, तारांकन, तथा वास्तविक क्रेताओं के चित्र और वीडियो |
| कमजोरी | बहुत थोड़ी राय; हो सकता है आपकी आवश्यकता पर खरी न उतरे | कुछ समीक्षाएँ नकली या पैसे देकर लिखवाई हुई होती हैं; लिखने वाला कौन है, पता नहीं चलता |
सुझाव: समीक्षाओं का उपयोग वैसे ही कीजिए जैसे मित्र की सलाह का — केवल पाँच तारे और एक तारे वाली नहीं, बल्कि बीच की कुछ समीक्षाएँ पढ़िए। वे प्रायः बताती हैं कि वस्तु वास्तव में कैसी है।