दीपकम् अध्याय 1 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
भारतभूमौ पवित्राः नद्यः प्रवहन्ति।
उत्तर

हिन्दी अनुवादः — भारतभूमि में पवित्र नदियाँ बहती हैं।

English — Holy rivers flow in the land of India.

संस्कृतपदम्हिन्दीव्याकरण-सङ्केतः
भारतभूमौभारतभूमि मेंसप्तमी एकवचन (अधिकरण)
पवित्राः नद्यःपवित्र नदियाँप्रथमा बहुवचन (कर्ता)
प्रवहन्तिबहती हैंलट्, प्रथमपुरुष, बहुवचन
प्र2.
भारतस्य मस्तके हिमालयः मुकुटरूपेण शोभते।
उत्तर

हिन्दी अनुवादः — भारत के मस्तक पर हिमालय मुकुट के रूप में सुशोभित होता है।

English — The Himalaya shines like a crown on the forehead of India.

सङ्केत: मुकुटरूपेण तृतीया एकवचन है — ‘मुकुट के रूप में’। ‘शोभते’ आत्मनेपदी क्रिया है (शुभ् धातु), इसलिए ‘शोभति’ नहीं लिखना चाहिए।
प्र3.
भारतभूमौ श्रेष्ठाः पर्वताः विराजन्ते।
उत्तर

हिन्दी अनुवादः — भारतभूमि में श्रेष्ठ पर्वत सुशोभित होते हैं।

English — Great mountains stand in splendour in the land of India.

पाठ से: ये पर्वत हैं — महेन्द्रगिरि (पूर्वी घाट), मलयाचल तथा सह्याद्रि (पश्चिमी घाट), रैवतक (गिरनार), विन्ध्याचल और अरावलि।
प्र4.
राष्ट्रध्वजे केशरः, श्वेतः, हरितः च वर्णाः सन्ति।
उत्तर

हिन्दी अनुवादः — राष्ट्रध्वज में केसरिया, श्वेत और हरा — ये रंग हैं।

English — Saffron, white and green are the colours in the national flag.

सङ्केत: ‘केशरः, श्वेतः, हरितः च वर्णाः’ — यहाँ अनेक कर्ता होने से क्रिया बहुवचन ‘सन्ति’ आई है। ‘च’ सदा अन्तिम पद के बाद लगता है।
प्र5.
वयं भारते जन्म प्राप्तवन्तः।
उत्तर

हिन्दी अनुवादः — हमने भारत में जन्म पाया है।

English — We have taken birth in India.

सङ्केत: प्राप्तवन्तः क्तवतु-प्रत्ययान्त भूतकालिक रूप है (प्राप्त् + वतु), जो कर्ता के लिङ्ग-वचन के अनुसार चलता है — एकवचन में ‘प्राप्तवान्’, बहुवचन में ‘प्राप्तवन्तः’, स्त्रीलिङ्ग में ‘प्राप्तवती’।
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