दीपकम् अध्याय 1 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
चरणम् — चरणौ — ............ (द्वितीया विभक्तिः) [उदाहरणम् — पुस्तके एकवचनं द्विवचनं च दत्तम् अस्ति]
उत्तर

चरणम् – चरणौ – चरणान्। (हिन्दी — चरण को / दो चरणों को / अनेक चरणों को।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
द्वितीयाचरणम्चरणौचरणान्
क्यों: ‘चरण’ अकारान्त पुंल्लिङ्ग शब्द है, जिसके रूप ‘राम’ शब्द की तरह चलते हैं — द्वितीया में रामम्, रामौ, रामान्। पाठवाक्य है — “अस्याः चरणौ प्रक्षालयति स्वयं रत्नाकरः समुद्रः।”
प्र2.
नदी — ............ — नद्यः (प्रथमा विभक्तिः)
उत्तर

नदी – नद्यौ – नद्यः। (हिन्दी — नदी / दो नदियाँ / अनेक नदियाँ।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमानदीनद्यौनद्यः
क्यों: ‘नदी’ ईकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द है। द्विवचन में ई + औ = ्यौ (यण् सन्धि) होकर ‘नद्यौ’ तथा बहुवचन में ‘नद्यः’ रूप बनता है।
प्र3.
ललाटे — ............ — ............ (सप्तमी विभक्तिः)
उत्तर

ललाटे – ललाटयोः – ललाटेषु। (हिन्दी — माथे पर / दो माथों पर / अनेक माथों पर।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
सप्तमीललाटेललाटयोःललाटेषु
क्यों: ‘ललाट’ अकारान्त नपुंसकलिङ्ग शब्द है, जिसके रूप ‘फल’ शब्द की तरह चलते हैं — सप्तमी में फले, फलयोः, फलेषु।
प्र4.
देशाय — ............ — ............ (चतुर्थी विभक्तिः)
उत्तर

देशाय – देशाभ्याम् – देशेभ्यः। (हिन्दी — देश के लिए / दो देशों के लिए / अनेक देशों के लिए।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
चतुर्थीदेशायदेशाभ्याम्देशेभ्यः
क्यों: ‘देश’ अकारान्त पुंल्लिङ्ग (राम-वत्) है — चतुर्थी में रामाय, रामाभ्याम्, रामेभ्यः। पाठ में इसी विभक्ति का रूप ‘प्रदेशेभ्यः’ (पञ्चमी) भी आया है — ध्यान रखें, अकारान्त शब्दों में चतुर्थी और पञ्चमी के बहुवचन-रूप एक-से (–एभ्यः) होते हैं।
प्र5.
चक्रम् — ............ — चक्राणि (प्रथमा विभक्तिः)
उत्तर

चक्रम् – चक्रे – चक्राणि। (हिन्दी — चक्र / दो चक्र / अनेक चक्र।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमाचक्रम्चक्रेचक्राणि
क्यों: ‘चक्र’ अकारान्त नपुंसकलिङ्ग (फल-वत्) है — प्रथमा में फलम्, फले, फलानि। ‘चक्र’ में ‘र्’ के कारण णत्व होकर चक्राणि बनता है।
प्र6.
............ — ............ — वैज्ञानिकैः (तृतीया विभक्तिः)
उत्तर

वैज्ञानिकेन – वैज्ञानिकाभ्याम् – वैज्ञानिकैः। (हिन्दी — वैज्ञानिक के द्वारा / दो वैज्ञानिकों के द्वारा / अनेक वैज्ञानिकों के द्वारा।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
तृतीयावैज्ञानिकेनवैज्ञानिकाभ्याम्वैज्ञानिकैः
क्यों: ‘वैज्ञानिक’ अकारान्त पुंल्लिङ्ग (राम-वत्) है — तृतीया में रामेण, रामाभ्याम्, रामैः। पाठवाक्य — “भारतीयैः वैज्ञानिकैः महत् यशः प्राप्तम् अस्ति।”
प्र7.
अहम् — ............ — ............ (प्रथमा विभक्तिः)
उत्तर

अहम् – आवाम् – वयम्। (हिन्दी — मैं / हम दोनों / हम सब।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमाअहम्आवाम्वयम्
क्यों: ‘अस्मद्’ (उत्तमपुरुष) सर्वनाम के रूप तीनों लिङ्गों में समान रहते हैं। पाठ में तीनों रूप मिलते हैं — “अहं मातुः वन्दनं करोमि”, “आवाम् ... ज्ञातुम् इच्छावः”, “वयं सर्वेऽपि धन्याः”।
प्र8.
विज्ञानस्य — ............ — ............ (षष्ठी विभक्तिः)
उत्तर

विज्ञानस्य – विज्ञानयोः – विज्ञानानाम्। (हिन्दी — विज्ञान का / दो विज्ञानों का / अनेक विज्ञानों का।)

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
षष्ठीविज्ञानस्यविज्ञानयोःविज्ञानानाम्
क्यों: ‘विज्ञान’ अकारान्त नपुंसकलिङ्ग (फल-वत्) है — षष्ठी में फलस्य, फलयोः, फलानाम्। अकारान्त शब्दों में पुंल्लिङ्ग और नपुंसकलिङ्ग की षष्ठी विभक्ति के रूप एक जैसे होते हैं।
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