दीपकम् अध्याय 1 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
समुद्रः भारतमातुः चरणौ प्रक्षालयति। (रेखाङ्कितपदम् — भारतमातुः)
उत्तर

समुद्रः कस्याः चरणौ प्रक्षालयति ? (हिन्दी — समुद्र किसके दोनों चरण धोता है ?)

कैसे बना: रेखाङ्कित पद भारतमातुः षष्ठी विभक्ति, स्त्रीलिङ्ग, एकवचन है। षष्ठी स्त्रीलिङ्ग एकवचन का प्रश्नवाचक रूप कस्याः है, अतः ‘भारतमातुः’ के स्थान पर ‘कस्याः’ रखकर वाक्य को प्रश्न बना दिया।
प्र2.
जनाः तीर्थक्षेत्राणां धूलिं ललाटे स्थापयन्ति। (रेखाङ्कितपदम् — ललाटे)
उत्तर

जनाः तीर्थक्षेत्राणां धूलिं कुत्र स्थापयन्ति ? (हिन्दी — लोग तीर्थक्षेत्रों की धूल कहाँ रखते हैं ?)

कैसे बना: ललाटे सप्तमी विभक्ति एकवचन (अधिकरण — स्थान) है। स्थान पूछने के लिए अव्यय कुत्र का प्रयोग होता है। चाहें तो ‘कस्मिन् स्थापयन्ति ?’ भी लिख सकते हैं, पर ‘कुत्र’ अधिक सहज है।
प्र3.
वीराः भारतमातुः सर्वदा सेवां कृतवन्तः। (रेखाङ्कितपदम् — वीराः)
उत्तर

के भारतमातुः सर्वदा सेवां कृतवन्तः ? (हिन्दी — किन्होंने भारतमाता की सदा सेवा की ?)

कैसे बना: वीराः प्रथमा विभक्ति, पुंल्लिङ्ग, बहुवचन है। प्रथमा पुंल्लिङ्ग बहुवचन का प्रश्नवाचक रूप के है (कः → कौ → के)।
प्र4.
‘जयतु कृषकः’ इति वक्तुम् अस्मान् प्रेरयति। (रेखाङ्कितपदम् — अस्मान्)
उत्तर

‘जयतु कृषकः’ इति वक्तुं कान् प्रेरयति ? (हिन्दी — ‘जयतु कृषकः’ कहने के लिए किनको प्रेरित करता है ?)

कैसे बना: अस्मान् द्वितीया विभक्ति बहुवचन (कर्म) है। द्वितीया पुंल्लिङ्ग बहुवचन का प्रश्नवाचक रूप कान् है (कम् → कौ → कान्)।
प्र5.
नदी कष्टानि सहमाना प्रवहति। (रेखाङ्कितपदम् — नदी)
उत्तर

का कष्टानि सहमाना प्रवहति ? (हिन्दी — कौन कष्टों को सहती हुई बहती है ?)

कैसे बना: नदी प्रथमा विभक्ति, स्त्रीलिङ्ग, एकवचन है। प्रथमा स्त्रीलिङ्ग एकवचन का प्रश्नवाचक रूप का है।
प्र6.
वयं गौरववर्धनार्थं प्रयत्नं कुर्मः। (रेखाङ्कितपदम् — प्रयत्नं)
उत्तर

वयं गौरववर्धनार्थं किं कुर्मः ? (हिन्दी — हम गौरव बढ़ाने के लिए क्या करते हैं ?)

कैसे बना: प्रयत्नम् द्वितीया विभक्ति, नपुंसक-सदृश कर्मपद (यहाँ पुंल्लिङ्ग ‘प्रयत्नः’ का द्वितीया एकवचन) है। अचेतन कर्म के लिए प्रश्नवाचक शब्द किम् होता है।
सङ्केत: प्रश्ननिर्माण का सूत्र सरल है — रेखाङ्कित पद की विभक्ति, वचन और लिङ्ग देखो, उसी विभक्ति-वचन-लिङ्ग का ‘किम्’ शब्द का रूप रखो, शेष वाक्य ज्यों का त्यों रहने दो और अन्त में प्रश्नचिह्न लगाओ।
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