दीपकम् अध्याय 1 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पाठे प्रयुक्तानि क्रियापदानि रिक्तस्थानेषु लिखन्तु — (पुस्तके चतुर्षु पङ्क्तिषु चतुर्षु स्तम्भेषु च षोडश रिक्तस्थानानि सन्ति; प्रथमं रिक्तस्थानं ‘शृणुमः’ इति पूरितम् अस्ति।)
उत्तर

पुस्तक की जालिका (grid) में सोलह रिक्त स्थान हैं और पहला स्थान शृणुमः से भरा हुआ है। पाठ में से चुने हुए सोलह क्रियापद इस प्रकार भरे जा सकते हैं —

शृणुमःजानीमःअस्तिवर्तते
शोभतेप्रक्षालयतिविराजन्तेप्रवहन्ति
आगच्छन्तिविलसतिसिञ्चन्तिसञ्चरति
बोधयतिप्रयच्छतिकुर्मःगायामः
अर्थसहित सूची: शृणुमः (हम सुनते हैं), जानीमः (हम जानते हैं), अस्ति (है), वर्तते (विद्यमान है), शोभते (सुशोभित होता है), प्रक्षालयति (धोता है), विराजन्ते (सुशोभित होते हैं), प्रवहन्ति (बहती हैं), आगच्छन्ति (आते हैं), विलसति (शोभा पाता है), सिञ्चन्ति (सींचते हैं), सञ्चरति (चलता है), बोधयति (समझाता है), प्रयच्छति (देता है), कुर्मः (हम करते हैं), गायामः (हम गाएँ/गाते हैं)।
और भी विकल्प: पाठ में ये क्रियापद भी आए हैं — करोमि, इच्छावः, गायन्ति, भवामः, सुशोभन्ते, स्थापयन्ति, प्रेरयति, सूचयति, परिपोषयति, सन्ति, प्रवहति, प्राप्तवन्तः, कृतवन्तः, अर्पितवन्तः, लिखितवान्, सञ्जाता। इनमें से कोई भी सोलह लिखे जा सकते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ