प्र1.
पर्वतराजः कः ?
उत्तर
हिमालयः। (हिन्दी — पर्वतों का राजा हिमालय है।)
आधारवाक्यम्: पाठ में आया है — “साक्षात् पर्वतराजः हिमालयः मुकुटरूपेण अस्याः मस्तके शोभते।” अर्थात् हिमालय भारतमाता के मस्तक पर मुकुट के रूप में सुशोभित होता है।
ध्यान दें: प्रश्न ‘कः’ (प्रथमा विभक्ति, पुंल्लिङ्ग, एकवचन) से पूछा गया है, इसलिए उत्तर भी प्रथमा एकवचन में — हिमालयः — ही होगा, ‘हिमालयम्’ नहीं।