दीपकम् अध्याय 13 परियोजनाकार्यम्

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
स्वपरिसरे विद्यमानानां पशु-पक्षिणां ध्वनीन् ध्यानेन शृण्वन्तु। तेषां ध्वनीनां मात्राः कति सन्ति इति लिखन्तु।
उत्तर

यह सुनकर करने वाला कार्य है, इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है। नीचे विधि, अच्छे उत्तर की शर्तें और एक नमूना तालिका दी गयी है।

विधिः / कार्य कैसे करें:

  1. प्रातःकाल तथा सायंकाल — दोनों समय अपने घर, विद्यालय, खेत या उद्यान के आस-पास १५–२० मिनट चुपचाप बैठकर सुनिए।
  2. जो पशु-पक्षी बोले, उसका नाम संस्कृत तथा मातृभाषा दोनों में लिखिए।
  3. ध्वनि को अक्षरों में लिखिए (जैसे — काँ, कु-कु-कू-कु३, टें-टें)।
  4. मन में गिनिए — ध्वनि कितनी देर टिकी? एक ‘अ’ जितनी (१ मात्रा), ‘आ’ जितनी (२ मात्रा), या और लम्बी (३ मात्रा)?
  5. यदि सम्भव हो तो मोबाइल से ध्वनि रिकॉर्ड करके दुबारा सुनिए — गणना अधिक शुद्ध होगी।
अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए: कम-से-कम ५–६ प्राणी; प्रत्येक का संस्कृत नाम; ध्वनि का अक्षर-रूप; मात्रा-सङ्ख्या; और एक वाक्य में यह निष्कर्ष कि किसकी ध्वनि सबसे लम्बी थी और किसकी सबसे छोटी।

नमूना उत्तर:

प्राणी (संस्कृतम्)हिन्दीध्वनिःमात्राःतुल्यः स्वर-भेदः
चाषःनीलकण्ठ‘क्रैक्’ह्रस्वः
वायसःकौआ‘काँ~’दीर्घः
शिखीमोर‘म्याँ~ऽऽ’प्लुतः
नकुलःनेवला‘क्’१/२व्यञ्जनम् इव
कुक्कुटःमुर्गा‘कु–कु–कू–कु३’१, १, २, ३ह्रस्व + दीर्घ + प्लुत
चटकागौरैया‘चीं-चीं’१ + १ह्रस्वः
कपोतःकबूतर‘गुटर्-गूँ~’१ + २ह्रस्व + दीर्घ
पुँस्कोकिलःनर कोयल‘कु-ऊ~ऽऽ’१ + ३ह्रस्व + प्लुत

निष्कर्षःमयूरस्य पुँस्कोकिलस्य च ध्वनिः दीर्घतमा (त्रिमात्रा) आसीत्, नकुलस्य ध्वनिः च लघुतमा (अर्धमात्रा) आसीत्। [मोर और नर कोयल की आवाज़ सबसे लम्बी (तीन मात्रा) थी और नेवले की सबसे छोटी (आधी मात्रा)।]

Tip: उत्तर-पुस्तिका में इस तालिका के साथ प्राणी का एक छोटा चित्र या दिनांक-समय भी लिख दीजिए — इससे यह सच्चा क्षेत्र-अवलोकन (field observation) बन जाता है।
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