कक्षा ७ संस्कृत अध्याय 13 वर्णमात्रा-परिचयः के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का स्वरूप — यह ‘अतिरिक्तम् अध्ययनम्’ खण्ड का पहला पाठ है। श्रद्धा नामक छात्रा और अध्यापक का संवाद है। श्रद्धा का प्रश्न — ‘कः एषः स्वराणां प्लुतः नाम त्रिमात्रः ?’ — से पूरा पाठ आरम्भ होता है। चतुर्विधाः मात्राः — ह्रस्वः = एकमात्रः (१), दीर्घः = द्विमात्रः (२), प्लुतः = त्रिमात्रः (३), व्यञ्जनम् = अर्धमात्रम् (१/२) । तीन मात्राएँ केवल स्वरों में होती हैं; व्यञ्जनों में सदा अर्धमात्रा ही होती है। २२ स्वराः — समानाक्षराणि (अ आ अ३, इ ई इ३, उ ऊ उ३, ऋ ॠ ऋ३, ऌ – ऌ३) = १४ तथा सन्ध्यक्षराणि (ए ए३, ऐ ऐ३, ओ ओ३, औ औ३) = ८ — कुल २२ स्वर । प्लुत का प्रयोग — दो स्थलों पर — (क) दूर से किसी को पुकारते समय ( हे३ राम ! , अत्र आगच्छ कुमार३ ! ), तथा (ख) वेदमन्त्र के आरम्भ में ओंकार के उच्चारण में ( ओ३म् — भूर्भुवः स्वः )। दो श्लोक — याज्ञवल्क्य-शिक्षा का ‘एकमात्रो भवेद् ह्रस्वः…’ मात्राओं की परिभाषा देता
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| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | व्याकरण / टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| उच्यते | कथ्यते | कहा जाता है | कर्मवाच्यम्, लट् लकार, प्र.पु. एकवचनम् |
| ज्ञेयः | ज्ञातव्यः | जानना चाहिए | कृदन्तम् (यत्-प्रत्ययः), पुं., प्रथमा एकवचनम् |
| भेदः | प्रकारः | विभाग / प्रकार | पुंलिङ्गम्, प्रथमा एकवचनम् |
| उपभेदः | उपप्रकारः | उपविभाग | पुंलिङ्गम्, प्रथमा एकवचनम् |
| कुक्कुटः | कृकवाकुः | मुर्गा | पुंलिङ्गम्, अकारान्तः |
| रौति | विरौति | बाँग देता है | रु धातु, लट् लकार, प्र.पु. एकवचनम् |
| रुवन्ति | विरुवन्ति | बाँग देते हैं | रु धातु, लट् लकार, प्र.पु. बहुवचनम् |
| ध्यानं निदधतु | अवधानं ददतु | ध्यान दीजिए | लोट् लकार (आदरार्थम्) |
| अल्पकालिकः | लघु-काल-प्रमाणः | स्वल्प समय वाला | विशेषणम्, पुंलिङ्गम् |
| लम्बकालिकः | लम्बमान-काल-प्रमाणः | लम्बे समय वाला | विशेषणम्, पुंलिङ्गम् |
| अतिविलम्बकालिकः | अधिक-लम्बमान-काल-प्रमाणः | अधिक लम्बे समय वाला | विशेषणम्, पुंलिङ्गम् |
| चाषः | नीलकण्ठः पक्षी | नीलकण्ठ (Indian Roller) | पुंलिङ्गम्, अकारान्तः |
| वायसः | काकः पक्षी | कौआ | पुंलिङ्गम्, अकारान्तः |
| शिखी | मयूरः पक्षी | मोर | पुंलिङ्गम्, इन्नन्तः (शिखिन्) |
| नकुलः | सूचिरदनः | नेवला | पुंलिङ्गम्, अकारान्तः |
| अयोगवाहौ | अनुस्वार-विसर्गौ | अनुस्वार और विसर्ग | पुंलिङ्गम्, प्रथमा द्विवचनम् |
| अवग्रहः | ‘ऽ’ इति चिह्नम् | लुप्त ‘अ’ का चिह्न | पुंलिङ्गम्; उच्चारणं न भवति |
| ऐतिह्यम् | पुरातन-वृत्तान्तः | इतिहास | नपुंसकलिङ्गम्, अकारान्तम् |
अभ्यास
- पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः
- श्लोक-व्याख्या
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- परियोजनाकार्यम्
- कार्यकलापः