दीपकम् अध्याय 4 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
यथा – शत्रुः (पलाय्) ....................... , चोराः (पलाय्) .......................
उत्तर

पुस्तक में यह उदाहरण पहले से भरा है —

शत्रुः पलायते । [शत्रु भाग जाता है।]    चोराः पलायन्ते । [चोर भाग जाते हैं।]

उदाहरण क्या सिखाता है: बायीं ओर कर्ता एकवचन है (शत्रुः) तो क्रिया भी एकवचन — पलायते; दायीं ओर कर्ता बहुवचन है (चोराः) तो क्रिया भी बहुवचन — पलायन्ते। यही ‘कर्ता के अनुसार क्रिया’ का नियम आगे के सभी उपभागों में लगाना है।
दोनों प्रथमपुरुष हैं: कर्ता ‘वह/वे’ के अर्थ में है, इसलिए क्रिया प्रथमपुरुष में ही रहेगी — एकवचन –ते, बहुवचन –न्ते
प्र2.
वृक्षः (वर्ध्) ....................... , बालाः (वर्ध्) .......................
उत्तर

वृक्षः वर्धते । [पेड़ बढ़ता है।]    बालाः वर्धन्ते । [बच्चे बढ़ते हैं।]

रूप कैसे बना: ‘वृक्षः’ प्रथमा एकवचन है → क्रिया वर्धते; ‘बालाः’ प्रथमा बहुवचन है → क्रिया वर्धन्ते। वर्ध् आत्मनेपदी है, इसलिए ‘वर्धति’ लिखना गलत होगा।
अपना वाक्य बनाइए: ‘मम ग्रामे आम्रवृक्षाः वर्धन्ते।’ (मेरे गाँव में आम के पेड़ बढ़ते हैं।)
प्र3.
छात्रः (वन्द्) ....................... , भक्ताः (वन्द्) .......................
उत्तर

छात्रः वन्दते । [छात्र प्रणाम करता है।]    भक्ताः वन्दन्ते । [भक्त प्रणाम करते हैं।]

ध्यान दीजिए: यहाँ कर्ता ‘वह/वे’ के अर्थ में है, अतः प्रथमपुरुष — वन्दते / वन्दन्ते। यदि कर्ता ‘अहम्’ होता तो वन्दे और ‘वयम्’ होता तो वन्दामहे आता (देखिए प्रश्न ७ (घ))।
अपना वाक्य: ‘छात्राः प्रातः गुरुं वन्दन्ते।’ (छात्र सवेरे गुरु को प्रणाम करते हैं।)
प्र4.
वैद्यः (वीक्ष्) ....................... , प्रेक्षकाः (वीक्ष्) .......................
उत्तर

वैद्यः वीक्षते । [वैद्य देखता है / जाँचता है।]    प्रेक्षकाः वीक्षन्ते । [दर्शक देखते हैं।]

शब्द-सम्बन्ध: वीक्ष् धातु से ही ‘प्रेक्षकः’ (देखने वाला) और ‘परीक्षा’ शब्द बने हैं — वि + ईक्ष् = वीक्ष् (ध्यान से देखना)। इसीलिए वाक्य में वैद्य ‘जाँचता है’ और दर्शक ‘देखते हैं’।
अपना वाक्य: ‘क्रीडाङ्गणे प्रेक्षकाः कन्दुकक्रीडां वीक्षन्ते।’ (खेल के मैदान में दर्शक क्रिकेट/गेंद का खेल देखते हैं।)
प्र5.
कर्मचारी (सेव्) ....................... , महिलाः (सेव्) .......................
उत्तर

कर्मचारी सेवते । [कर्मचारी सेवा करता है।]    महिलाः सेवन्ते । [महिलाएँ सेवा करती हैं।]

कर्ता का वचन पहचानिए: कर्मचारी इनकारान्त पुंलिङ्ग शब्द का प्रथमा एकवचन है (कर्मचारी – कर्मचारिणौ – कर्मचारिणः), इसलिए क्रिया एकवचन सेवतेमहिलाः आकारान्त स्त्रीलिङ्ग का प्रथमा बहुवचन है, इसलिए क्रिया बहुवचन सेवन्ते। क्रिया लिङ्ग नहीं देखती, केवल पुरुष और वचन देखती है।
अपना वाक्य: ‘चिकित्सालये सेविकाः रुग्णान् सेवन्ते।’ (अस्पताल में सेविकाएँ रोगियों की सेवा करती हैं।)
प्र6.
वृक्षः (कम्प्) ....................... , रुग्णाः (कम्प्) .......................
उत्तर

वृक्षः कम्पते । [पेड़ हिलता/काँपता है।]    रुग्णाः कम्पन्ते । [रोगी काँपते हैं।]

उदाहरण से मिलान: प्रश्न ५ की तालिका की पहली पंक्ति यही धातु देती है — कम्पते, कम्पेते, कम्पन्ते। एकवचन कर्ता ‘वृक्षः’ के साथ पहला रूप, बहुवचन कर्ता ‘रुग्णाः’ के साथ तीसरा रूप लगाइए।
अपना वाक्य: ‘शीतकाले शीतेन जनाः कम्पन्ते।’ (जाड़े में ठंड से लोग काँपते हैं।) — ‘शीतेन’ तृतीया विभक्ति, कारण के अर्थ में।
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