कक्षा ७ संस्कृत अध्याय 4 न लभ्यते चेत् आम्लं द्राक्षाफलम् के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

पाठ का आरम्भ (पृष्ठ 39) — कक्षा में आचार्य एक चित्र दिखाते हैं। छात्र बताते हैं कि चित्र में वृक्षः, शृगालः, द्राक्षाफलानि हैं और शृगाल अंगूर खाना चाहता है पर खा नहीं पाता। छात्र कहते हैं कि यह कथा वे मातृभाषा में सुन चुके हैं; आचार्य कहते हैं कि अब इसे संस्कृत में गीतरूप में गाएँगे और अभिनय करेंगे । गीत की कथा (पृष्ठ 40–41) — एक शृगाल प्यास और भूख से वन जाता है, वहाँ कुछ नहीं मिलता; वह श्रान्तः (थका) और खिन्नः (दुखी) हो जाता है, पसीना और प्यास बढ़ती है। वह बाएँ-दाएँ, आगे-पीछे देखता है और ऊपर बेल पर द्राक्षाफलम् देख लेता है। कथा का मोड़ — अंगूर देखते ही उसके मुँह में रसः (लार) आ जाता है। वह एक बार, दो बार, तीन बार, बार-बार उत्पतति (उछलता है), पर फल नहीं मिलता — केवल पसीना और श्रम बढ़ता है। अन्त में वह ‘आम्लं द्राक्षाफलम्’ कहकर पलायते (भाग जाता है)। पाठ का व्याकरण — आत्मनेपदी लट्-लकार — ‘अत

त्वरित पुनरावृत्ति
शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दीEnglish
शृगालःलोमशालोमड़ीFox
वनम्काननम्अरण्य, जंगलForest
पिपासा / तृषापातुम् इच्छाप्यासThirst
बुभुक्षाभोक्तुम् इच्छाभूखHunger
लभतेप्राप्नोतिपाता हैGets
श्रान्तःक्लान्तःथका हुआTired
खिन्नःदुःखितःखेद से युक्तSad
जायतेभवतिहोता हैBecomes
स्वेदःघर्मःपसीनाSweat
द्राक्षालताम्द्राक्षाफलस्य वल्लीम्अंगूर की बेल कोGrape-vine climber
रसःलालारसः / मुखस्रावःलारSaliva
उत्पततिकूर्दतेकूदता हैJumps
आम्लम्आम्लरसयुक्तम्खट्टाSour
पलायतेअन्यत्र धावतिभाग जाता हैRuns away
  1. पाठारम्भे चित्रसंवादः
  2. वयं शब्दार्थान् जानीमः
  3. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  4. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  5. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  6. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  7. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  8. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  9. वयम् अभ्यासं कुर्मः
  10. योग्यताविस्तरः
  11. परियोजनाकार्यम्
  12. कार्यकलापः
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