दीपकम् अध्याय 4 वयं शब्दार्थान् जानीमः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
मातृभाषया अर्थं लिखन्तु — शृगालः, वनम्, पिपासा, बुभुक्षा, किमपि, इतोऽपि, लभते, श्रान्तः, खिन्नः, जायते, वामतः, दक्षिणतः, अग्रतः, पृष्ठतः, स्वेदः, तृषा, द्राक्षालताम्, उपरि, दृश्यते, अनुक्षणम्, रसः, एकवारम्, द्विवारम्, उत्पतति, पुनः पुनः, कथयति, आम्लम्, द्राक्षाफलम्, पलायते।
उत्तर

यह अन्तिम स्तम्भ आपकी अपनी मातृभाषा के लिए है — जो भी आपकी भाषा हो (हिन्दी, मराठी, बाङ्ला, तमिऴ्, तेलुगु, गुजराती, ओडिआ, असमिया, पंजाबी …), उसमें अर्थ लिखिए। नीचे पुस्तक की पूरी सूची संस्कृत-पर्याय और हिन्दी अर्थ के साथ दी है; अन्तिम स्तम्भ आप भरिए।

शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दीEnglish
शृगालःलोमशालोमड़ीFox
वनम्काननम्अरण्यForest
पिपासापातुम् इच्छाप्यासThirst
बुभुक्षाभोक्तुम् इच्छाभूखHunger
किमपियत् किञ्चित्कुछ भीAnything
इतोऽपिअतः परम् अपिऔर भीMore than this
लभतेप्राप्नोतिपाता हैGets
श्रान्तःक्लान्तःथका हुआTired
खिन्नःदुःखितःखेद से युक्तSad
जायतेभवतिहोता हैBecomes
वामतःवामभागेबायीं ओरTowards left
दक्षिणतःदक्षिणभागेदाहिनी ओरTowards right
अग्रतःअग्रभागेआगेIn front
पृष्ठतःपृष्ठभागेपीछेBehind
स्वेदःघर्मःपसीनाSweat
तृषापिपासाप्यासThirst
द्राक्षालताम्द्राक्षाफलस्य वल्लीम्अंगूर की बेल कोGrape-vine climber
उपरिऊर्ध्वभागेऊपरAbove
दृश्यतेअवलोक्यतेदेखा जाता हैSeen
अनुक्षणम्क्षणाभ्यन्तरेउसी क्षणImmediately
रसःलालारसः / मुखस्रावःलारSaliva
एकवारम्सकृत्एक बारOnce
द्विवारम्वारद्वयम् / द्विःदो बारTwice
उत्पततिकूर्दतेकूदता हैJumps
पुनः पुनःभूयो भूयःबार-बारFrequently
कथयतिवदतिकहता हैTells
आम्लम्आम्लरसयुक्तम्खट्टाSour
द्राक्षाफलम्मृद्वीकाफलम्अंगूरGrapes
पलायतेअन्यत्र धावतिभाग जाता हैRuns away
शब्द बनाने का ढंग देखिए: वामतः, दक्षिणतः, अग्रतः, पृष्ठतः — इन सबमें तसिल् (–तः) प्रत्यय लगा है, जिसका अर्थ है ‘उस ओर से / उस ओर’। इसी नियम से बनते हैं — मुखतः, सर्वतः, पुरतः। गीत में यही चार शब्द शृगाल का चारों ओर देखना दिखाते हैं।
याद रखने की तरकीब: ‘पिपासा’ और ‘तृषा’ दोनों का अर्थ प्यास है — पाठ में दोनों आए हैं। इसी तरह ‘उत्पतति’ का पर्याय ‘कूर्दते’ है, जो स्वयं एक आत्मनेपदी क्रिया है।
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