प्र1.
शब्दः — एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम् : आहार (उदाहरणम् — आहारात्, आहाराभ्याम्, आहारेभ्यः), मनुष्य, वृक्ष, अग्नि (उदाहरणम् — अग्नेः, अग्निभ्याम्, अग्निभ्यः), मुनि, पेटिका (उदाहरणम् — पेटिकायाः, पेटिकाभ्याम्, पेटिकाभ्यः), वाटिका, माला, कूपी (उदाहरणम् — कूप्याः, कूपीभ्याम्, कूपीभ्यः), नदी, नगरी।
उत्तर
दिए गए उदाहरण आहारात् / आहाराभ्याम् / आहारेभ्यः देखिए — ये सब पञ्चमी विभक्ति के रूप हैं। अतः हर शब्द के तीनों वचनों में पञ्चमी विभक्ति के ही रूप लिखने हैं।
| शब्दः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| आहार (उदाहरणम्) | आहारात् | आहाराभ्याम् | आहारेभ्यः |
| मनुष्य | मनुष्यात् | मनुष्याभ्याम् | मनुष्येभ्यः |
| वृक्ष | वृक्षात् | वृक्षाभ्याम् | वृक्षेभ्यः |
| अग्नि (उदाहरणम्) | अग्नेः | अग्निभ्याम् | अग्निभ्यः |
| मुनि | मुनेः | मुनिभ्याम् | मुनिभ्यः |
| पेटिका (उदाहरणम्) | पेटिकायाः | पेटिकाभ्याम् | पेटिकाभ्यः |
| वाटिका | वाटिकायाः | वाटिकाभ्याम् | वाटिकाभ्यः |
| माला | मालायाः | मालाभ्याम् | मालाभ्यः |
| कूपी (उदाहरणम्) | कूप्याः | कूपीभ्याम् | कूपीभ्यः |
| नदी | नद्याः | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| नगरी | नगर्याः | नगरीभ्याम् | नगरीभ्यः |
चार साँचे याद कर लें:
- अकारान्त पुंलिङ्ग (आहार, मनुष्य, वृक्ष) — –आत् / –आभ्याम् / –एभ्यः
- इकारान्त पुंलिङ्ग (अग्नि, मुनि, कवि, हरि) — –एः / –इभ्याम् / –इभ्यः
- आकारान्त स्त्रीलिङ्ग (पेटिका, वाटिका, माला, लता) — –आयाः / –आभ्याम् / –आभ्यः
- ईकारान्त स्त्रीलिङ्ग (कूपी, नदी, नगरी) — –याः / –ईभ्याम् / –ईभ्यः
ध्यान दें: ईकारान्त शब्दों के एकवचन में ‘ई’ का यण् हो जाता है — नदी + आः = नद्याः, नगरी + आः = नगर्याः, कूपी + आः = कूप्याः। द्विवचन-बहुवचन में ‘ई’ ज्यों की त्यों रहती है — नदीभ्याम्, नदीभ्यः।
प्रयोग करके देखें: ‘बालकः वृक्षात् फलं गृह्णाति’, ‘जलं कूप्याः पतति’, ‘छात्राः मुनिभ्यः ज्ञानं प्राप्नुवन्ति’।