कक्षा ७ संस्कृत अध्याय 9 अन्नाद् भवन्ति भूतानि के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का स्वरूप — यह माता और पुत्री का संवाद है। पुत्री की जिज्ञासा है — ‘वयं मनुष्याः प्राणिनः कीटाः च कथं भूलोके आगताः ?’ माता उत्तर में सृष्टि की उत्पत्ति का क्रम बताती है, जो उपनिषदों में वर्णित है। सृष्टिक्रम (मुख्य विषय) — ब्रह्मणः आकाशः → आकाशात् वायुः → वायोः अग्निः → अग्नेः जलम् → जलात् पृथिवी → पृथिव्याः ओषधयः/सस्यानि → सस्येभ्यः आहारः → आहारात् कीटाः, प्राणिनः, मनुष्याः । यही क्रम पाठ के अन्त में तैत्तिरीयोपनिषद् (२-१-२) के वचन में भी दिया गया है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ — पाठ के अनुसार ब्रह्म कोई मूर्ति नहीं, अपितु सर्वत्र व्याप्त चेतना-शक्ति अथवा ऊर्जा है — ‘ब्रह्म इत्युक्ते चेतना-शक्तिः, ऊर्जा वा या सर्वत्र व्याप्ता अस्ति।’ जैसे आकाश और अणु सर्वत्र व्याप्त हैं। व्याकरण — पञ्चमी विभक्ति — जहाँ से कोई वस्तु अलग होती है, निकलती है या प्राप्त होती है, वहाँ अपादान कारक में पञ्चमी विभक्ति आ
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| शब्दः | पाठे प्रयुक्तः अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | व्याकरण-सङ्केतः |
|---|---|---|---|
| भूतानि | प्राणिनः | समस्त प्राणिगण | नपुंसकलिङ्गम्, प्रथमा बहुवचनम् |
| अम्ब ! | भोः मातः ! | माँ ! | सम्बोधन एकवचनम् (अम्बा) |
| ब्रह्म | समष्टि-चिति-शक्तिः / सर्वव्याप्तः परमेश्वरः | सर्वत्र व्याप्त चेतन शक्ति व ऊर्जा | नपुंसकलिङ्गम् (ब्रह्मन्) |
| ब्रह्मणः | सर्वव्याप्त-परमेश्वरात् | सृष्टिकर्ता से | पञ्चमी एकवचनम् — अपादानम् |
| काचित् | का अपि | कोई | स्त्रीलिङ्गम्, प्रथमा एकवचनम् |
| जिज्ञासा | ज्ञातुम् इच्छा | जानने की इच्छा | आकारान्तः स्त्रीलिङ्गः |
| तदर्थम् | अतः | इसलिए | अव्ययम् |
| जानीयात् | अवगच्छेत् | जानना चाहिए | विधिलिङ्, प्रथमपुरुष एकवचनम् |
| वत्से ! | हे पुत्रि ! | बेटी ! | सम्बोधन एकवचनम् (वत्सा) |
| अग्नेः | वह्नेः | आग से | पञ्चमी एकवचनम् (इकारान्तः पुं.) |
| ओषधीनाम् | औषधोपयोगि-पादपानाम् | जड़ी-बूटियों का | षष्ठी बहुवचनम् (ईकारान्तः स्त्री.) |
| विस्मृतवती / उक्तवती | न स्मृतवती / अवदत् | भूल गयी / बोली | स्त्रीलिङ्गे भूतकालिकं कृदन्तम् |
अभ्यास
- पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- योग्यताविस्तारः
- परियोजनाकार्यम्