प्र1.
वामतः दक्षिणम् — (१) जन्म (त्रीणि अक्षराणि) (२) मातः (अक्षरद्वयम्) (३) सत्यम् (अक्षरद्वयम्) (४) अपि (एकम् अक्षरम्) (५) ओषधीनाम् (त्रीणि अक्षराणि) (६) तदर्थम् (अक्षरद्वयम्) (७) कस्मिन् समये (अक्षरद्वयम्)
उत्तर
पदरञ्जनी में १. जन्म = उत्पत्तिः पहले से भरा हुआ है (उ | त्प | त्तिः)। उसी ढंग से शेष पद पाठ से चुनकर भरिए —
| क्रमः | दत्तं पदम् | पाठे विद्यमानं पर्यायपदम् | अक्षर-विभाजनम् |
|---|---|---|---|
| १ | जन्म | उत्पत्तिः (पुस्तके पूरितम्) | उ | त्प | त्तिः |
| २ | मातः | अम्ब | अ | म्ब |
| ३ | सत्यम् | आम् | आ | म् |
| ४ | अपि | च | च |
| ५ | ओषधीनाम् | सस्यानाम् | स | स्या | नाम् |
| ६ | तदर्थम् | अतः | अ | तः |
| ७ | कस्मिन् समये | कदा | क | दा |
हर उत्तर पाठ से ही मिला है:
- अम्ब — ‘अम्ब ! मम काचिद् जिज्ञासा अस्ति।’ (शब्दार्थ में भी — अम्ब = भोः मातः !)
- आम् — ‘आम्, अतः तेषामपि उत्पत्तिं जानातु।’ — ‘आम्’ का अर्थ है ‘हाँ, सत्य है’।
- च — ‘आकाशः अणुः च’ — ‘च’ का अर्थ ‘और/भी’ है, अतः वह ‘अपि’ का पर्याय है।
- सस्यानाम् — ‘पृथिव्याः ओषधीनां सस्यानां वृक्षादीनां च उत्पत्तिः अभवत्।’
- अतः — शब्दार्थ-तालिका में स्पष्ट है — तदर्थम् = अतः।
- कदा — ‘अम्ब ! पृथिवी कदा उत्पन्ना ?’
कहाँ लिखें: (१) उत्पत्तिः पहली पंक्ति के आरम्भ में; (२) अम्ब उसी पंक्ति में चौथे-पाँचवें कोष्ठक में; (३) आम् दूसरी पंक्ति के पाँचवें-छठे कोष्ठक में; (४) च तीसरी पंक्ति के अन्तिम कोष्ठक में; (५) सस्यानाम् पाँचवीं पंक्ति में; (६) अतः तीसरी पंक्ति के दूसरे-तीसरे कोष्ठक में; (७) कदा अन्तिम पंक्ति में।